रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) की ताकत और बढ़ाने के लिए 97 हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए एमके-1ए) तेजस खरीदने के लिए एयरोस्पेस सेक्ट की प्रमुख सरकारी कंपनी को एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया है।
जानें किस कंपनी को मिला टेंडर
रक्षा मंत्रालय ने स्वदेश निर्मित 97 और एलसीए मार्क-1ए लड़ाकू विमानों के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को एक ठेका दिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इन लड़ाकू विमानों की कीमत लगभग 65,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बता दें कि भारत सरकार की तरफ से ये अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर माना जा रहा है जो कि स्वदेशी सैन्य उपकरण की खरीद के लिए किसी कंपनी को मिला है।
बढ़ेगी सैन्य क्षमता
भारतीय वायु सेना के लिए तेजस विमान हवाई युद्ध और आक्रामक हवाई सहायता मिशनों के लिए अहम हैं जबकि टोही और जहाज-रोधी अभियान इसकी अन्य विशेषताएं हैं।
नवंबर में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने भारतीय वायु सेना के लिए 97 और तेजस विमान खरीदने और लगभग 150 प्रचंड हेलीकॉप्टर की अतिरिक्त खेप की खरीद के लिए मंजूरी दी थी।
उसने भारतीय वायु सेना के अपने सुखोई-30 लड़ाकू विमानों के बेड़े को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा उन्नत बनाए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी थी।
मेगा खरीद परियोजनाओं और सुखोई-30 उन्नयन कार्यक्रम से सरकारी खजाने पर 1.3 लाख करोड़ रुपये की लागत आने की उम्मीद लगाई गई थी।
शेयरों में दिखा उछाल
इस खबर के आने से शुक्रवार (12 अप्रैल) को कमजोर बाजार में भी डिफेंस सेक्टर से जुड़ी कंपनी HAL के शेयर में तेजी देखने को मिली। शुक्रवार को शेयर इंट्रा-डे के दौरान तीन फीसदी से ऊपर चढ़ा। ट्रेडिंग के दौरान कंपनी के शेयर की कीमत 3677 रुपये पर पहुंच गई, जो कि ऑल टाइम हाई है। कारोबार के अंत में इसका शेयर 2.05 फीसदी की बढ़त के साथ 3637.90 रुपये पर बंद हुआ।