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Budget 2024: सरकार कच्चे माल पर आयात शुल्क हटाए- अभ्युदय जिंदल, JSL MD

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जिंदल ने कहा ‘स्टेनलेस स्टील उद्योग की एक लंबे समय से चली आ रही जरूरत कुछ ऐसे कच्चे माल की है, जो देश में नहीं हैं। इनमें फेरो निकेल और फेरो मोलिब्डेनम शामिल हैं।’

Last Updated- January 21, 2024 | 10:01 PM IST
Jindal Stainless to invest Rs 1200 crore in Indonesian nickel smelter project
अभ्युदय जिंदल, जिंदल स्टेनलेस प्रबंध निदेशक

जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (JSL) के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने सरकार से आगामी आम बजट में कच्चे माल पर आयात शुल्क हटाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इस उपाय से घरेलू कंपनियों को भी समान अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

उन्होंने कहा कि घरेलू उद्योग चीन और वियतनाम जैसे चुनिंदा देशों से आयातित सस्ते और खराब गुणवत्ता वाले स्टेनलेस स्टील उत्पादों से प्रभावित हो रहा है। ऐसे में उन्होंने आयात पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) लगाने का सुझाव दिया है।

जिंदल ने कहा ‘स्टेनलेस स्टील उद्योग की एक लंबे समय से चली आ रही जरूरत कुछ ऐसे कच्चे माल की है, जो देश में नहीं हैं। इनमें फेरो निकेल और फेरो मोलिब्डेनम शामिल हैं।’

फिलहाल फेरो निकेल पर 2.5 प्रतिशत और फेरो मोलिब्डेनम पर पांच प्रतिशत आयात शुल्क लगता है। अपनी बजट अपेक्षाओं पर जेएसएल के प्रबंध निदेशक ने कहा कि चीन, वियतनाम और कुछ उन देशों से इन उत्पादों की डंपिंग हो रही है, जिनके साथ भारत का मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) है।

उन्होंने कहा कि इससे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) पर गंभीर दबाव पड़ रहा है। यह स्टेनलेस स्टील उद्योग को आत्मनिर्भर बनने से भी रोक रहा है।

उन्होंने कहा ‘व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) द्वारा एक जांच की गई थी। इसका एक रास्ता यह है कि हमें निश्चित रूप से किसी प्रकार के ‘संरक्षणवादी’ उपाय की जरूरत है। हमारा अनुरोध है कि भारत में स्टेनलेस स्टील कंपनियों को सुरक्षा देने के लिए कुछ प्रकार का शुल्क लगाया जाए।’

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First Published - January 21, 2024 | 10:01 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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