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Byjus Crisis: बायजू को फिर लगा झटका! अमेरिकी अदालत ने फ्रीज किए कंपनी के 533 मिलियन डॉलर

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बायजू ने अपनी मूल कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड की अमेरिकी सहायक कंपनी बायजू अल्फा में टर्म लोन से 533 मिलियन डॉलर का निवेश किया था।

Last Updated- March 16, 2024 | 1:35 PM IST
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एडटेक कंपनी बायजू की मुश्किलें खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। एक बार फिर से कंपनी को बड़ा झटका लगा है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कोर्ट ने गुरुवार को कंपनी के 533 मिलियन डॉलर के फंड को फ्रीज करने का फैसला सुनाया है। कोर्ट के मुताबिक कंपनी को इस रकम को ट्रांसफर करने या इस्तेमाल करने से रोक दिया है।

ये रकम पहले हेड फंड के पास थी, लेकिन अब इसे किसी अज्ञात ऑफशोर ट्रस्ट में ले जाया गया है। कोर्ट के इस फैसले को कंपनी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे कर्जदाताओं की जीत माना जा रहा है। इसी के साथ अदालत के जज जॉन टी. डोर्सी ने हेज फंड कैमशाफ्ट कैपिटल के फाउंडर विलियम मॉर्टन को गिरफ्तार करने का आदेश भी दिया है। बताया गया है कि मॉर्टन बार-बार अदालत में पेश होने और रकम के ट्रांसफर के बारे में जानकारी देने से इनकार कर रहे थे।

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इस मामले की सुनवाई के दौरान निवेशकों के बयान के अनुसार, अदालत ने पाया कि Byju’s के फाउंडर बायजू रवींद्रन और दिव्या गोकुल्नाथ कंपनी बाजयू अल्फा के साथ मिलकर काम कर रहे थे, उन्हें अदालत के फैसले का पालन करने का आदेश दिया गया है।

कथित तौर पर हेज फंड में पैसा ट्रांसफर करने से पहले बायजू ने अपनी मूल कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड की अमेरिकी सहायक कंपनी बायजू अल्फा में टर्म लोन से 533 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। बायजूस अल्फा अब अमेरिका में दिवालियापन की प्रक्रिया से गुजर रही है।

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बायजू और कर्जदाताओं का समूह करीब एक साल से मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच पहले से ही एक और विवाद कायम है जिसमें निवेशकों के एक समूह ने कंपनी के 200 मिलियन डॉलर के राइट्स इश्यू को रोकने के साथ-साथ फर्म के बोर्ड को बदलने और रवींद्रन को सीईओ पद से हटाने के लिए अदालत का रुख किया है।

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First Published - March 16, 2024 | 1:35 PM IST

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