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Byju’s के निवेशकों ने दायर किया NCLT में मुकदमा, फॉरेंसिक ऑडिट से लेकर राइट्स इश्यू को अमान्य घोषित करने की मांग की

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संस्थापक Byju's रवींद्रन को कंपनी चलाने के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग की और एक नया बोर्ड नियुक्त करने की मांग की गई है।

Last Updated- February 23, 2024 | 1:38 PM IST
Byjus
Representative Image

Byju’s के चार निवेशकों ने आज यानी शुक्रवार को दमन, कुप्रबंधन का मुकदमा एनसीएलटी (NCLT) में दायर किया। इन निवेशकों ने एनसीएलटी से संस्थापक बायजू रवींद्रन को कंपनी चलाने के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग की है। साथ ही एक नया बोर्ड नियुक्त करने के लिए भी अर्जी लगाई है।

इसके अलावा, एनसीएलटी बेंगलुरु में बायजू प्रबंधन के खिलाफ निवेशकों के मुकदमे में फोरेंसिक ऑडिट, नए निदेशक मंडल की नियुक्ति, राइट्स इश्यू को अमान्य घोषित करने की मांग की गई है।

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, मुकदमा राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष बृहस्पतिवार शाम दायर किया गया। निवेशक टेक स्टार्टअप में कथित ‘‘कुप्रबंधन और विफलताओं’’ के लिए बायजू के निदेशक मंडल से रवींद्रन तथा परिवार को बाहर करने की मांग कर रहे हैं…। याचिका में फॉरेंसिक ऑडिट और प्रबंधन को निवेशकों के साथ जानकारी साझा करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।

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सूत्रों ने बताया कि याचिका में हाल ही में समाप्त हुए 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर के राइट्स इश्यू को अमान्य घोषित करने और यह निर्देश देने की मांग की गई है कि कंपनी को कोई भी कॉर्पोरेट कार्रवाई नहीं करनी चाहिए जो निवेशकों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। याचिका पर टाइगर और आउल वेंचर्स सहित अन्य शेयरधारकों के समर्थन के साथ-साथ चार निवेशकों प्रोसस, जीए, सोफिना और पीक XV द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं।

आज बुलाई गई थी आम बैठक (EGM)

Byju’s की पेरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के चुनिंदा निवेशकों ने आज यानी 23 फरवरी को एक आम बैठक (EGM) बुलाई थी। इस बैठक में कंपनी के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन और उनके परिवार को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से हटाए जाने के प्रस्ताव को लेकर बुलाई गई थी।

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हाईकोर्ट ने रोक लगाने से किया इंकार

इससे पहले, कर्नाटक हाई कोर्ट ने 21 फरवरी को Byju’s में 32 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले शेयरधारकों की ओर से सामूहिक रूप से बुलाई गई ईजीएम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

वहीं इस मामले में Byju’s के प्रवक्ता ने कहा, ‘बायजू रवींद्रन या कोई अन्य बोर्ड सदस्य इस अमान्य ईजीएम में शामिल नहीं होंगे। इसका मतलब है कि इसके बावजूद भी ईजीएम बुलाए जाने पर उसमें जरूरी कोरम नहीं होगा और एजेंडा पर चर्चा या मतदान को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। Byju’s के संरक्षक के रूप में कानून की स्थापित प्रक्रियाओं का सम्मान करना और कंपनी की अखंडता की रक्षा करना फाउंडर्स की जिम्मेदारी है।’

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First Published - February 23, 2024 | 1:12 PM IST

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