facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

Coal India: लिथियम की तलाश में जुटी कोल इंडिया, अमेरिकी कंपनी के साथ मिलकर करेगी अर्जेंटीना में खोज!

Advertisement

भारत चीन पर निर्भरता कम करने के लिए खनिजों की सप्लाई चेन मजबूत करेगा

Last Updated- June 18, 2024 | 5:06 PM IST
Coal India’s venture into power generation gets Cabinet nod Coal India ने की बिजली उत्पादन में एंट्री, CCEA से मिली मंजूरी

भारत की सरकारी कंपनी कोल इंडिया लि. बैटरी बनाने के लिए ज़रूरी लिथियम की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका की एक कंपनी के साथ मिलकर अर्जेंटीना में लिथियम के भंडारों की खोज कर रही है। यह जानकारी मंगलवार को एक सूत्र ने दी।

ये कोशिशें भारत सरकार की उस रणनीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत भारत पिछले साल अमेरिका की अगुवाई वाली खनिज सुरक्षा साझेदारी (MSP) में शामिल हुआ था। इस साझेदारी का मकसद ये सुनिश्चित करना है कि भारत को अपने नेट-ज़ीरो कार्बन लक्ष्य को पूरा करने के लिए ज़रूरी खनिजों की पर्याप्त सप्लाई हो सके।

भारत और अमेरिका ने सोमवार को कहा कि वे दक्षिण अमेरिका में लिथियम के भंडार और अफ्रीका में दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के भंडारों में एक साथ निवेश कर रहे हैं। इसका उद्देश्य जरूरी खनिजों की सप्लाई चेन को और मजबूत बनाना है।

भारत चीन पर लिथियम प्रोसेसिंग (तैयार करने) में निर्भरता कम करने के लिए कई देशों से बातचीत कर रहा है, जिनमें अमेरिका भी शामिल है।

“अर्जेंटीना में काची ब्लॉक के लिए कोल इंडिया ने दिलचस्पी दिखाई है। इसी ब्लॉक को लेकर एक अमेरिकी कंपनी और दो अन्य देश भी मिलकर खोजबीन करना चाहते हैं, जो अमेरिका की अगुवाई वाली खनिज सुरक्षा साझेदारी (MSP) का हिस्सा होगा।”

सूत्र ने आगे बताया कि अभी शुरुआती जांच-पड़ताल की जा रही है। फरवरी में अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने अर्जेंटीना दौरे पर बताया था कि अमेरिका खास खनिजों, खासकर लिथियम में निवेश के मौकों को तलाश रहा है।

जिस खनिज सुरक्षा साझेदारी (MSP) में भारत पिछले साल शामिल हुआ था, उसके तहत भारत को 20-25 जरूरी खनिजों वाली परियोजनाओं में शामिल होने का न्योता दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार ने इनमें से 4 परियोजनाओं को चुना है, जिनमें से 2 अमेरिका के साथ मिलकर की जाएंगी।

दूसरी परियोजना अफ्रीका के देश मलावी में कंगनकुंडे ब्लॉक में है। सूत्रों के अनुसार, इस ब्लॉक में भारत की सरकारी कंपनी IREL (India) Ltd दुर्लभ पृथ्वी खनिजों की खोज कर रही है।

भारत सरकार ने अपनी कंपनियों को ये खास किस्म के जरूरी खनिज ढूंढने के लिए ऑस्ट्रेलिया के डबबो इलाके में जाने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने अमेरिका के साथ मिलकर ऐसे खनिजों पर होने वाले व्यापार पर कोई टैक्स न लगाने का भी प्रस्ताव दिया है। ये समझौता उस अमेरिका-जापान के समझौते जैसा होगा, जिसमें जापानी गाड़ी कंपनियों को अमेरिका में इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर मिलने वाले टैक्स छूट का फायदा मिलता है।

हालांकि अमेरिका और भारत इस बारे में बातचीत कर रहे हैं कि दोनों देश मिलकर महत्वपूर्ण खनिजों पर एक समझौता (MoU) करें। (रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - June 18, 2024 | 5:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement