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Coal India ने नॉन रेगुलेटेड सेक्टर के लिए फ्यूल सप्लाई समझौते की अवधि बढ़ाई

कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने छठे दौर के पूरा होने के कुछ दिन के भीतर ही गैर-विनियमित क्षेत्र के लिए नीलामी के सातवें दौर की शुरुआत की है।

Last Updated- January 09, 2024 | 2:29 PM IST
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सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सीआईएल ने गैर-विनियमित क्षेत्र के लिए ईंधन आपूर्ति समझौते की अवधि को पांच साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया है। इस कदम का मकसद गैर-विनियमित क्षेत्र को नीलामी के जरिए कोयले की आपूर्ति का दीर्घकालिक आश्वासन सुनिश्चित करना है।

कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने छठे दौर के पूरा होने के कुछ दिन के भीतर ही गैर-विनियमित क्षेत्र के लिए नीलामी के सातवें दौर की शुरुआत की है।

कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘‘ सीआईएल ने सातवें दौर की शुरुआत करते हुए सक्रिय रूप से ईंधन आपूर्ति समझौते (एफएसए) की अवधि को 10 साल तक बढ़ा दिया है।’’

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स्पॉन्ज आयरन उप-क्षेत्र के ग्राहकों के लिए कोयले की मांग को पूरा करने के वास्ते नीलामी का सातवां दौर दिसंबर के आखिरी सप्ताह में शुरू किया गया। हालांकि छठे दौर में इस क्षेत्र द्वारा एफएसए में सफल बोलियों का अनुपात कम था।

First Published - January 9, 2024 | 2:28 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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