शुक्रवार को डिफेंस सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला। बीएसई में इस सेक्टर की प्रमुख कंपनियों के शेयर इंट्राडे में 9% तक चढ़ गए। बाजार में ये तेजी आने वाले दिनों में बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीदों के चलते आई है।
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), BEML, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (MDL), भारत डायनेमिक्स (BDL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), कोचीन शिपयार्ड, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL), अपोलो माइक्रो सिस्टम्स और डेटा पैटर्न्स (इंडिया) जैसी कंपनियों के शेयर 4% से 9% के बीच चढ़े। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स 0.63% बढ़कर 77,242 पर था।
BEL के शेयरों में 5% की तेजी
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर 5% बढ़कर ₹292.10 तक पहुंच गए। कंपनी के दिसंबर 2024 तिमाही (Q3FY25) के अच्छे नतीजे आने के बाद इसमें यह तेजी देखी गई। BEL का कंसोलिडेटेड मुनाफा 52.5% बढ़कर ₹1,311 करोड़ हो गया, जिसका कारण मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस रहा।
Q3FY25 में BEL का रेवेन्यू सालाना आधार पर 38.6% बढ़कर ₹5,771 करोड़ हो गया। तिमाही आधार पर इसमें 25.3% की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी सालाना 316 बेसिस पॉइंट बढ़कर 28.9% हो गया, हालांकि तिमाही आधार पर इसमें 147 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई।
कंपनी ने बताया कि 9MFY25 के दौरान उसे करीब ₹11,000 करोड़ के ऑर्डर मिले। इसके बावजूद BEL ने पूरे साल के लिए ₹25,000 करोड़ के ऑर्डर का टारगेट बरकरार रखा है। इसका मतलब है कि आने वाले दो महीनों में बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के मैनेजमेंट ने आने वाले सालों में बड़े ऑर्डर इनफ्लो की उम्मीद जताई है। BEL को हर साल बेस ऑर्डर इनफ्लो में ₹15,000 करोड़ मिलने की संभावना है, जिसमें AMC और स्पेयर कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं। FY26 में कंपनी को क्यूआरएसएएम (Quick Reaction Surface-to-Air Missile) के लिए ₹25,000-30,000 करोड़ के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, FY27 में मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM) सिस्टम और नेक्स्ट जेनरेशन कोरवेट (NGC) के लिए MFSTAR रडार सिस्टम के तहत ₹15,000 करोड़ के ऑर्डर का अनुमान है। इसी अवधि में नौसेना और एयरो प्लेटफॉर्म्स के लिए रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, कम्युनिकेशन और मिसाइल सिस्टम के तहत ₹8,000-10,000 करोड़ के कई डेरिवेटिव ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
Nomura का अनुमान: FY25-FY27 में ₹85,000 करोड़ के ऑर्डर
ब्रोकरेज फर्म Nomura के मुताबिक, FY25 से FY27 तक BEL को कुल ₹85,000 करोड़ के ऑर्डर मिलने की संभावना है।
ICICI Securities की रिपोर्ट के मुताबिक, BEL को FY26 में ₹25,000 करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है, जिसमें क्यूआरएसएएम और नेक्स्ट जनरेशन कोरवेट जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल होंगे। दिसंबर 2024 तक कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग ₹71,100 करोड़ है, जो इसके पिछले 12 महीनों की कमाई (TTM) का लगभग तीन गुना है।
GRSE के शेयर में 9% की तेजी
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) के शेयर में शुक्रवार को इंट्राडे में 9% की तेजी आई और यह ₹1,649 पर पहुंच गया। पिछले चार दिनों में इसके शेयर में 13% की बढ़त हुई है। हाल ही में GRSE ने अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के साथ एडवांस्ड वेपन और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स को मिलकर बनाने और सप्लाई करने के लिए (MoU) साइन किया है।
Elara Capital के विश्लेषकों के मुताबिक, जनवरी से मार्च की तिमाही (Q4FY25) में डिफेंस सेक्टर में ऑर्डर तेजी से बढ़ेंगे। FY25 में डिफेंस खर्च पूरा होने के साथ घरेलू कंपनियों को कुल बजट का 75% दिया गया है। खासतौर पर, नौसेना के बजट में पिछले साल की तुलना में 18% की बढ़ोतरी हुई है।
डिफेंस खर्च में मामूली गिरावट
रक्षा मंत्रालय (MoD) के मुताबिक, FY25 में वास्तविक डिफेंस कैपेक्स ₹1.7 लाख करोड़ रहा, जबकि अनुमानित (FY25BE) ₹1.72 लाख करोड़ था। अप्रैल से अक्टूबर के बीच कुल डिफेंस खर्च 36% रहा, जो पिछले साल की तुलना में 700 बेसिस पॉइंट कम है।
ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, FY25 की चौथी तिमाही (Q4FY25) में बड़े ऑर्डर्स की घोषणा हो सकती है। इनमें रफाल-M फाइटर जेट्स (USD 4 बिलियन) और MQ-9B ड्रोन्स (USD 3 बिलियन) के आयात शामिल हैं। इसके अलावा, नेक्स्ट जेनरेशन कोरवेट्स के लिए ₹36,000 करोड़ के घरेलू ऑर्डर मिलने की भी उम्मीद है।
FY23 में एक ही दिन में ₹60,000 करोड़ के ऑर्डर्स दिए गए
29 मार्च 2023 को FY23 में रक्षा मंत्रालय ने एक ही दिन में ₹60,000 करोड़ के ऑर्डर दिए थे। FY23 से दिसंबर 2024 तक घरेलू Acceptance of Necessity (AoN) के तहत कुल ₹8.3 लाख करोड़ के ऑर्डर्स मंजूर किए गए। FY13-22 के दौरान ₹5.4 लाख करोड़ के AoN मंजूर हुए थे। पिछले करीब 2.75 सालों में मंजूर किए गए ऑर्डर्स पिछले दशक की तुलना में 53% अधिक हैं।
भारत की डिफेंस नीति में स्वदेशीकरण एक मुख्य थीम बनी हुई है। FY25 में कुल डिफेंस कैपेक्स का 75% हिस्सा (₹1.05 लाख करोड़) घरेलू खर्च के लिए रखा गया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। FY24 में यह हिस्सा 74% और FY20 में 50% था।