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Ashneer Grover और उनकी पत्नी माधुरी जैन को राहत नहीं, Delhi HC ने दिया बड़ा झटका

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Last Updated- June 02, 2023 | 12:19 PM IST
File Photo: BharatPe former managing director Ashneer Grover and his wife Madhuri Jain

BharatPe Fraud case: दिल्ली हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी मामले में भारतपे एप के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) और उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर (Madhuri Jain Grover) को राहत नहीं दी। अदालत ने गुरुवार को कंपनी में कथित हेराफेरी के मामले में जांच पर रोक लगाने से अभी इनकार कर दिया है।

बता दें कि फिनटेक कंपनी के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और उनकी पत्नि पर 80 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर दिल्ली के एक पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद ही ग्रोवर ने हाईकोर्ट में इस मामले की जांच पर रोक लगाने की याचिका दायर की थी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए दिल्ली पुलिस की इकनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) को नोटिस भेजा है।

जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने इस फ्रॉड मामले के जांच अधिकारी को यह भी निर्देश देने से इनकार किया कि अगर उन्हें अशनीर ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर को हिरासत में लेना हो तो पहले नोटिस देना होगा। बता दें कि जस्टिस भंभानी ने ग्रोवर और उनकी पत्नी को अंतरिम जमानत याचिका दायर करने को कहा।

पढ़ें दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश

भारतपे एप के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर अशनीर ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर पर धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट ने आदेश में कहा कि इस मामले में चल रही जांच पर अब रोक लगाने का कोई तुक नहीं बनता। गिरफ्तारी को लेकर हाई कोर्ट जस्टिस ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास कानून के मुताबिक उपलब्ध दूसरे तरीके अपनाने की छूट है।

‘कोर्ट ने कहा, ‘धारा 438 के तहत दाखिल कीजिए। मुझे अपनी शक्तियों का इस्तेमाल क्यों करना चाहिए जबकि वहां वैधानिक अधिकार हैं।’
बता दें कि मामले पर अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।

उल्लेखनीय है कि एफआईआर में अशनीर ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी के अलावा दीपक गुप्ता, सुरेश जैन और श्वेतांक जैन समेत कई परिवार के सदस्यों का नाम भी शामिल है। इन सभी के खिलाफ एफआईआर धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), धारा 467 और 460 जालसाजी के लिए, धारा 420 धोखाधड़ी के साथ ही कुल आठ धाराओं में मामले को दर्ज किया गया है।

बता दें कि यह सारे आरोप सिद्ध होने पर 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

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First Published - June 2, 2023 | 10:59 AM IST

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