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Air India, SpiceJet को DGCA ने भेजा नोटिस, कोहरे के दौरान प्रशिक्षित पायलटों को तैनात न करना पड़ा भारी

DGCA ने कहा कि दोनों एयरलाइंस को 14 जनवरी के भीतर जवाब देना होगा। यह नोटिस CAT III प्रशिक्षित पायलटों को तैनात न करने के लिए जारी किया गया है।

Last Updated- January 04, 2024 | 4:11 PM IST
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एविएशन रेगुलेटर DGCA ने टाटा ग्रुप की एयर इंडिया (Air India) और संकट के दौर से गुजर रही स्पाइसजेट (SpiceJet) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। DGCA की तरफ से यह नोटिस इसलिए जारी किया गया है क्योंकि इन कंपनियों ने दिल्ली में घने कोहरे, कम विजिबिलिटी के दौरान विमानों को लैंड कराने के लिए प्रशिक्षित (Trained) पायलटों को तैनात नहीं किया था। जिसकी वजह से काफी ज्यादा रूट्स का डॉयवर्जन करना पड़ा।

DGCA के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि दोनों एयरलाइंस को 14 जनवरी के भीतर जवाब देना होगा। यह नोटिस गैर-सीएटी III (non-CAT III) अनुपालन पायलटों को रोस्टर करने के लिए जारी किया है। बता दें कि CAT III एक इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम (ILS) का प्रकार होता है जो काफी कोहरे, बारिश या बर्फबारी जैसे मौसमों में कम विजिबिलिटी के दौरान लैंडिंग कराने में मदद करता है।

दिसंबर में बढ़ा कोहरा, क्यों डॉयवर्ट की जाने लगीं फ्लाइट्स ?

गौरतलब है कि साल 2023 में दिसंबर के अंत तक काफी हद तक कोहरा बढ़ने लगा और विमानों की आवाजाही प्रभावित होने लगी और सैकड़ों उड़ानों का रूट बदलना पड़ा था। कोहरे के दौरान विमान उड़ाने में सक्षम पायलटों की कमी के कारण ऐसी नौबत आती है। देश में कोहरा या धुंध की हालत में विमान उड़ाने में माहिर पायलटों की संख्या बहुत कम है।

दिसंबर के महीने में 24, 25 और 27, 28 तारीख को सैकड़ों उड़ानें में देरी हुईं। दिल्ली हवाई अड्डे एयरपोर्ट पर कम विजिबिलिटी के कारण कम से कम 58 उड़ानों का मार्ग परिवर्तित करना पड़ा।

क्या हैं CAT II और CAT III प्रशिक्षित पायलट?

मुख्य पायलट को कम से कम 2,500 घंटे और सह पायलट को 500 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव होना चाहिए, जो कि CAT II और CAT III प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवश्यक होता है।

तीन घंटे का CAT II ट्रेनिंग हासिल करने के बाद पायलट दो घंटे के ILS CAT-3 प्रशिक्षण के योग्य हो जाता है। इसके बाद पायलट को कोहरे में भी विमान उतारना होता है, जिसके बाद ही उसे CAT-3 प्रमाणित पायलट माना जाता है। CAT-3 B स्थिति में लैंडिंग और उड़ान भरने के लिए विजिबिलिटी 50-174 मीटर होनी चाहिए। वहीं, CAT-3 A के लिए रनवे पर विजिबिलिटी 175-299 मीटर होनी चाहिए।

सिंधिया ने दिया बयान

29 दिसंबर को, नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि मंत्रालय दिल्ली हवाई अड्डे और एयरलाइंस के साथ बातचीत कर रहा है, और घने कोहरे के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन बाधित होने के बीच उपाय कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘कोहरे की समस्या एक ऐसी समस्या है जिसका सामना हम हर साल 15-20 दिनों में करते हैं… इस साल, पिछले तीन या चार दिनों से ज्यादा ही कोहरा रहा है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए सभी एयरलाइनों के साथ बातचीत कर रहे हैं कि उनके पास कोहरे के दौरान CAT II और CAT III प्रशिक्षित पायलट उपलब्ध रहें।

DGCA ने की 5,500 से ज्यादा सर्विलांस एक्टिविटी

बता दें कि DGCA ने एविएशन सेक्टर में सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने और बढ़ाने के लिए 2023 में एयरलाइंस, हवाई अड्डों और अप्रूव्ड संगठनों के संबंध में 5,745 सर्विलांस एक्टिविटीज कीं।

इन एक्टिविटीज में 4,039 नियोजित निगरानी (planned surveillance) और 1,706 स्पॉट चेक और नाइट सर्विलांस शामिल थे। इसके बाद DGCA ने 542 कार्रवाइयां की।

बढ़ा जुर्माना

पिछले साल DGCA द्वारा विभिन्न संस्थाओं पर लगाया गया कुल वित्तीय जुर्माना (financial penalties) 39 फीसदी बढ़कर 2.75 करोड़ रुपये हो गया। 2022 में यह रकम 1.975 करोड़ रुपये थी।

2022 के मुकाबले पिछले साल यानी 2023 में सर्विलांस एक्टिविटीज की संख्या 26 फीसदी बढ़ी है। साथ ही, 2022 में अनुपालन न करने वाले कर्मियों, एयरलाइंस और अन्य ऑपरेटरों के खिलाफ की गई 305 प्रवर्तन कार्रवाइयों के मुकाबले पिछले साल प्रवर्तन कार्रवाइयों की संख्या 77 फीसदी बढ़ गई।

इन प्रवर्तन कार्रवाइयों में Air India, AirAsia (India), IndiGo और SpiceJet जैसी एयरलाइनों के खिलाफ वित्तीय जुर्माना शामिल था। DGCA ने बताया उसने इसके अलावा भी अन्य कार्रवाइयां की हैं। उसने एयर इंडिया की ट्रेनिंग सुविधाओं के लिए अपनी मंजूरी को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

इसमें कहा गया है कि गलती करने वाले पायलटों/केबिन क्रू, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स, गैर-अनुसूचित एयरलाइनों (non-scheduled airlines), उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (flying training organisations ) और हवाई अड्डा ऑपरेटर्स के खिलाफ भी प्रवर्तन कार्रवाई की गई।

(Input-PTI)

First Published - January 4, 2024 | 3:58 PM IST

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