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दो साल बाद भारत में Ford की वापसी, चेन्नई प्लांट में फिर से शुरू होगा उत्पादन

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भारत से कारोबार समेटते समय फोर्ड को पिछले एक दशक में 2 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका था।

Last Updated- September 13, 2024 | 11:13 PM IST
Ford returns to India after two years, production to resume at Chennai plant दो साल बाद भारत में Ford की वापसी, चेन्नई प्लांट में फिर से शुरू होगा उत्पादन

करीब दो साल पहले भारत को अलविदा कह गई अमेरिकी कार कंपनी फोर्ड वापसी कर रही है। फोर्ड मोटर कंपनी ने आज कहा कि निर्यात के मकसद से वह अपने चेन्नई कारखाने में उत्पादन दोबारा शुरू करने की योजना बना रही है। कंपनी ने सितंबर 2021 में भारत से अपना कारोबार समेटने की घोषणा की थी। कंपनी चेन्नई के मरैमलाई नगरर कारखाने में दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजार को निर्यात के लिए इलेक्ट्रिक वाहन बना सकती है। फोर्ड ने अगस्त 2022 में मरैमलाई नगर कारखाने में उत्पादन बंद कर दिया था, जिसके दो साल बाद उसकी वापसी हो रही है।

फोर्ड के अंतरराष्ट्रीय बाजार समूह के अध्यक्ष के हार्ट ने कहा कि कंपनी ने तमिलनाडु सरकार को आशय पत्र सौंपा है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने दो दिन पहले मिशिगन के डियरबॉर्न में फोर्ड के मुख्यालय का दौरा किया था। उन्होंने कंपनी के शीर्ष प्रबंधन से अपने राज्य में उत्पादन दोबारा शुरू करने का आग्रह भी किया था। यह खबर तब आई है, जब कई अन्य वै​श्विक ब्रांड भारत में वापसी कर रहे हैं। चीन का फास्ट फैशन ब्रांड शीन भी रिलायंस रिटेल के जरिये भारतीय बाजार में दस्तक देने को तैयार है। फ्रांस की मल्टीब्रांड रिटेल कंपनी कारफू दुबई के अपैरल ग्रुप के साथ फ्रैंचाइज साझेदारी के जरिये भारत में लौट रही है।

कुछ अरसा पहले वाहन क्षेत्र में बड़ी वापसी रेनो की थी। 2007 में लोगन के लिए महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के साथ नाकाम साझे उपक्रम के बाद वह रेनो इंडिया के तौर पर वापस आई थी और मार्च 2010 में उसने तथा निसान इंडिया ने चेन्नई में कारखाना लगाया था। हार्ट ने कहा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आज हमने भारत में तमिलनाडु सरकार को एक आशय पत्र सौंपा है। उसमें चेन्नई कारखाने का इस्तेमल निर्यात के मकसद से करने की मंशा जताई गई है।’

कंपनी की फोर्ड प्लस वृद्धि योजना के तहत वैश्विक बाजारों को निर्यात करने के लिए मरैमलाई नगर कारखाने का पुनर्निर्माण किया जाएगा। सरकारी सूत्रों  के अनुसार राज्य सरकार के वर्षों के प्रयास से फोर्ड की वापसी हो रही है। राज्य सरकार ने मरैमलाई में फोर्ड के संयंत्र के इस्तेमाल के बारे में जून 2023 में सोचना शुरू किया। उस समय कई संभावित निवेशकों ने यह संयंत्र खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी। यह भी कहा गया कि ओला इलेक्ट्रिक, ह्युंडै मोटर इंडिया, टाटा मोटर और एमजी मोटर भी पिछले दो वर्षों से फोर्ड इंडिया प्रबंधन के साथ बातचीत कर रही थीं। जुलाई 2023 में तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टीआरबी राजा ने सैन फ्रांसिस्को का दौरा किया था जहां उन्होंने फोर्ड के साथ बातचीत शुरू की थी।

आगे का रास्ता तय करने के लिए अक्टूबर-नवंबर 2023 में उद्योग विभाग और फोर्ड के बीच कई दौर की चर्चा हुई थी मगर कोई फैसला नहीं हो सका। 2024 के शुरू तक ऐसी खबरें आनी शुरू हो गईं कि कि फोर्ड संयंत्र में दोबारा काम शुरू करने पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव पर राजा काफी जोर दे रहे थे। जुलाई 2024 में राजा ने मिशिगन के डियरबॉर्न में फोर्ड के मुख्य संयंत्र का दौरा किया और वहां कंपनी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। उन्होंने तमिलनाडु में वाहन क्षेत्र में तेज विकास का उल्लेख किया और राज्य में ईवी ढांचे के विकास का खास तौर पर जिक्र किया।

आखिरकार मुख्यमंत्री स्टालिन के अमेरिका दौरे पर बात बन गई। मुख्यमंत्री ने फोर्ड के शीर्ष नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार कंपनी की वापसी में अपनी तरफ से पूरा सहयोग देगी। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि राजा के लगातार प्रयासों और व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद फोर्ड सकारात्मक निर्णय ले सकी।

चेन्नई में फोर्ड का संयंत्र 350 एकड़ में फैला हुआ है। वहां सालाना 2 लाख वाहन तैयार होते थे और 3.40 लाख इंजन भी बनाए जाते थे। मरैमलाई चेन्नई हवाई अड्डे से महज 50 किलोमीटर और एन्नोर बंदरगाह से 74 किलोमीटर दूर है। चेन्नई से नजदीकी के अलावा यह कारखाना बेंगलूरु से भी बहुत दूर नहीं है।

भारत से कारोबार समेटते समय फोर्ड को पिछले एक दशक में 2 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका था। उस समय ईकोस्पोर्ट और एंडेवर एसयूवी जैसे मॉडलों के साथ देश के यात्री वाहन बाजार में इसकी हिस्सेदारी 2 प्रतिशत से भी कम थी। कंपनी का गुजरात के साणंद में भी एक विनिर्माण संयंत्र था जिसका अधिग्रहण टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने कर लिया।

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First Published - September 13, 2024 | 11:02 PM IST

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