फोटो क्रेडिट: Pierre Lannier
हाल ही में भारतीय बाजार में कदम रखने वाली पेरिस की घड़ी विनिर्माता पियरे लैनियर को उम्मीद है कि भारतीय बाजार में परिचालन शुरू होने के पहले 12 महीने के भीतर वह 10 लाख यूरो (लगभग 10 करोड़ रुपये) का राजस्व कमाएगी। कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्य अधिकारी पियरे बर्गन ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि इस राजस्व का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा ब्रांड-बिल्डिंग, खुदरा बिक्री में विस्तार और बाजार विकास में निवेश के लिए निर्धारित किया गया है।
कंपनी ने 15,000 से 40,000 रुपये की कीमत वाली घड़ियों के साथ देश में किफायती-प्रीमियम श्रेणी में प्रवेश किया है। कंपनी देश के बढ़ते घड़ी बाजार में खुद को लंबे समय तक टिकने वाली कंपनी के तौर पर स्थापित करने के लिए लोगों की बढ़ती ‘खर्च करने योग्य आय’ और युवा ग्राहकों पर दांव लगा रही है।
बर्गन ने कहा, ‘भारत हमारे लिए सबसे अहम बाजारों में से एक है। आज घड़ी उद्योग में हर कोई भारत से उम्मीद कर रहा है। हम कह सकते हैं कि घड़ी बनाने के मामले में भारत अब नया चीन बनता जा रहा है और भारत ही भविष्य का बाजार है।’
‘जस्ट इन टाइम’ के साथ मल्टी-ब्रांड रिटेल साझेदारी के जरिये यह ब्रांड फिलहाल बेंगलूरु, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद जैसे 10 शहरों में लगभग 60 से 62 स्टोर में मौजूद है। आने वाले समय में अन्य मल्टी-ब्रांड रिटेलरों के साथ साझेदारी करने पर भी विचार किया जा रहा है।
पिछले कुछ सालों में कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड अपना विस्तार करने के लिए भारतीय बाजार में दस्तक दे रहे हैं। हरबेलिन ने साल 2024 में टाइटन के हेलियस के जरिये प्रवेश किया बेल ऐंड रोस ने साल 2023 में भारत में शुरुआत के लिए एथोस के साथ साझेदारी और ब्रिस्टोन ने साल 2026 की शुरुआत में जस्ट इन टाइम के साथ कदम रखा।