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FSSAI का बड़ा फैसला, एक्सपायर फूड पर नजर रखने के लिए नई गाइडलाइन

FSSAI ने खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कंपनियों से तीन मुख्य बिंदुओं पर विस्तृत डेटा रिपोर्टिंग की मांग की है।

Last Updated- December 22, 2024 | 12:30 PM IST
fssai
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फूड सेफ्टी रेगुलेटर एफएसएसएआई (FSSAI) ने फूड मैन्युफैक्चरर्स और इम्पोर्टर्स को तिमाही आधार पर एक्सपायर और अस्वीकृत फूड प्रोडक्ट्स का डेटा प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। यह डेटा एफएसएसएआई की ऑनलाइन कम्प्लायंस सिस्टम एफओएससीओएस (FOSCOS) के जरिए जमा करना होगा। 16 दिसंबर को जारी इस निर्देश में री-पैकिंग और री-लेबलिंग करने वाली कंपनियों को भी शामिल किया गया है।

खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर FSSAI की सख्ती: कंपनियों को देना होगा डिटेल्ड डेटा

FSSAI ने खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कंपनियों से तीन मुख्य बिंदुओं पर डिटेल्ड डेटा रिपोर्टिंग की मांग की है। इसके तहत कंपनियों को उन उत्पादों की मात्रा की जानकारी देनी होगी जो आंतरिक गुणवत्ता जांच में विफल हो गए हैं। इसके अलावा, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला से एक्सपायर या वापस लौटे उत्पादों का विवरण भी साझा करना अनिवार्य होगा। साथ ही, खराब या अनुपयोगी उत्पादों के निस्तारण की प्रक्रिया और उसका पूरा रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराना होगा। इस पहल का उद्देश्य उपभोक्ताओं तक बेहतर गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद पहुंचाना और खाद्य सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करना है।

एफएसएसएआई ने कहा है कि खराब और अस्वीकृत खाद्य उत्पादों को कैसे निपटाया जाए, इस पर ध्यान देना जरूरी है। इनमें नष्ट करना, नीलामी करना या किसी और तरीके से उपयोग करना शामिल है। साथ ही, इन उत्पादों को खरीदने वाले खरीदारों और कचरा निपटाने वाली एजेंसियों की जानकारी भी साफ होनी चाहिए।

यह तब हो रहा है जब FOSCOS की रिपोर्टिंग प्रणाली अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुई है।

एफएसएसएआई का यह कदम उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्ता वाले फूड प्रोडक्ट्स मुहैया कराने और खाद्य सुरक्षा नियमों के सख्ती से पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

एफएसएसएआई ने कहा है कि इस कदम का मकसद एक्सपायर और रिजेक्टेड फूड प्रोडक्ट्स को रीब्रांड करके इंसानों के लिए रीसेल करने से रोकना है। अब ऐसे एक्सपायर या रिजेक्टेड प्रोडक्ट्स की रियल-टाइम में मॉनिटरिंग होगी और उन्हें नॉन-ह्यूमन यूज के लिए सेफ तरीके से डिस्पोज़ या ऑक्शन किया जाएगा।

First Published - December 22, 2024 | 10:18 AM IST

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