दवा बनाने वाली भारतीय कंपनी ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज को छह तिमाहियों बाद पहली बार मुनाफे में गिरावट का सामना करना पड़ा है। कंपनी के मुताबिक, उसके प्रमुख व्यवसाय, सक्रिय दवा सामग्री (API) को हालिया “लाल सागर संकट” से काफी नुकसान हुआ है।
ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज को इस तिमाह़ी में पिछले साल के मुकाबले 33% कम मुनाफा हुआ है। कंपनी को जनवरी- मार्च तिमाही में 979.4 करोड़ रुपये (लगभग 12 मिलियन डॉलर) का मुनाफा हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में मुनाफा 1.46 अरब रुपये था। गौरतलब है कि इस कंपनी का अधिग्रहण डिटर्जेंट बनाने वाली कंपनी निर्मा द्वारा किया जा रहा है।
गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के सबसे अहम कारोबार, सक्रिय दवा सामग्री (API) में 8.6% की गिरावट है। गिरावट के कारण कंपनी के कुल राजस्व में भी करीब 14% की कमी आई है।
हालांकि, अच्छी खबर यह है कि ग्लेनमार्क लाइफ अन्य भारतीय एपीआई निर्माताओं की तरह अपने प्रमुख बाजारों यूरोप और अमेरिका से बढ़ती मांग का फायदा उठा रहा है। साथ ही वैश्विक दवा कंपनियों द्वारा चीन पर निर्भरता कम करने के प्रयासों से भी ग्लेनमार्क को लाभ मिलने की उम्मीद है।
ग्लेनमार्क लाइफ के पास 130 से भी ज्यादा सक्रिय दवा सामग्री (API) मौजूद हैं। ये API दिल की बीमारियों, कैंसर और संक्रमण जैसी कई बड़ी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होते हैं।