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भारतीय पर्यटकों के लिए खुशखबरी! Lemon Tree Hotels पश्चिम एशिया में अपने होटलों की संख्या बढ़ाएगा

Lemon Tree Hotels ने पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया में विस्तार की योजना बनाई है, 2028 तक कमरों की संख्या 20,000 तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

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अक्षरा श्रीवास्तव   
गुलवीन औलख   
Last Updated- March 17, 2026 | 7:39 AM IST

देश में मध्य श्रेणी के होटल सेगमेंट में कमरों की संख्या के आधार पर भारत की सबसे बड़ी कंपनी लेमन ट्री होटल्स ने पश्चिम एशिया में लंबी अवधि के लिए निवेश की योजना बनाई है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान-इजरायल विवाद और अमेरिका की भागीदारी के कारण इस पूरे क्षेत्र में अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है।

कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष पतंजलि केसवानी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा कि फिलहाल इस क्षेत्र में कोई यात्रा नहीं हो रही है लेकिन यह समझना होगा कि यह स्थिति स्थायी नहीं है। उनका मानना है कि जब हालात सामान्य होंगे तो दुबई, कतर और ओमान जैसे स्थानों पर पुनर्निर्माण के अवसर पैदा होंगे और भारतीयों के लिए भी संभावनाएं बढ़ेंगी।

कंपनी के अंतरराष्ट्रीय होटलों में पश्चिम एशिया सबसे अहम होगा जहां दुबई में एक लेमन ट्री प्रीमियर, भूटान में एक होटल और नेपाल में तीन होटल शामिल हैं। इनमें से एक रिसॉर्ट है। बीएसई में सूचीबद्ध इस कंपनी के पास अभी 121 होटलों में कुल 10,956 कमरे हैं और वह मध्यम श्रेणी के होटल कारोबार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।

केसवानी ने कहा, ‘अगर हम भारतीय ग्राहकों को आकर्षित करना चाहते हैं तब मुझे उन सभी देशों में विस्तार करना होगा जहां भारतीय पर्यटक जाते हैं।’ उन्होंने कहा कि इसी योजना के तहत कंपनी दक्षिण एशियाई बाजारों में भी प्रवेश करने पर विचार कर रही है जिनमें थाईलैंड के फुकेत और चियांग माई जैसे शहर शामिल हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में 3.27 करोड़ भारतीय नागरिकों ने विदेश यात्राएं कीं जो इससे पिछले वर्ष की तुलना में 5.9 प्रतिशत अधिक है। इनमें सबसे अधिक यात्राएं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए की गईं, जहां भारत से 86 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे।

देश की तीसरी सबसे बड़ी होटल श्रृंखला ने इस वर्ष की शुरुआत में अपने कारोबार का पुनर्गठन भी किया है। इसके तहत कंपनी अब कम परिसंपत्तियों के मॉडल की ओर बढ़ रही है, जिससे वैश्विक विस्तार योजना को मदद मिलेगी।

इस योजना के अनुसार कंपनी के स्वामित्व वाली होटल परिसंपत्तियों को फ्लेर होटल्स को हस्तांतरित किया जाएगा जो होटल संपत्तियों का स्वामित्व और संचालन करेगी। लेमन ट्री होटल्स तकनीक, ब्रांड वितरण और होटल प्रबंधन पर ध्यान देगी।

फ्लेर होटल्स को लेमन ट्री से अलग किया जा रहा है। इसे अप्रैल 2027 तक शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की योजना है। वारबर्ग पिंकस फ्लेर होटल्स की एपीजी की 41 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद लेगी। सूचीबद्धता के बाद यह हिस्सेदारी घटकर 26 प्रतिशत रह जाएगी जबकि लेमन ट्री की इसमें 41 प्रतिशत हिस्सेदारी सहयोगी कंपनी के रूप में बनी रहेगी।’

केसवानी के अनुसार फ्लेर होटल्स के पास लगभग 10 करोड़ डॉलर की नकदी प्रवाह है और वारबर्ग पिंकस से करीब 960 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश भी मिलेगा। कंपनी के सूचीबद्ध होने के बाद कम से कम 20 करोड़ डॉलर और जुटाने की योजना है। उनका कहना है कि जहां भी भारतीय जाते हैं, वहां होटल का विस्तार करने को लेकर कंपनी उत्साहित है।

अलग होने के बाद फ्लेर और लेमन ट्री दोनों कंपनियों के पास विस्तार के लिए पर्याप्त संसाधन होंगे। कंपनी की योजना है कि वह वर्ष 2028 तक अपने कमरों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ाकर 20,000 तक पहुंचा ले।

First Published : March 17, 2026 | 7:39 AM IST