शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी बायजू (Byju’s) की समस्या बढ़ती जा रही है। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने अपने अधिकारियों को कंपनी के बही-खातों की जांच में तेजी लाने और रिपोर्ट सौंपने को कहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कंपनी कानून लागू करने वाला मंत्रालय अपने क्षेत्रीय कार्यालय से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगा। मंत्रालय ने जुलाई, 2023 में हैदराबाद में क्षेत्रीय निदेशक के कार्यालय को बायजू मंच का संचालन करने वाली बेंगलुरु में पंजीकृत कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड की जांच करने को कहा था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय ने बायजू के संबंध में जांच और रिपोर्ट सौंपने में तेजी लाने को कहा है।
जांच के बारे में फिलहाल विस्तार से जानकारी नहीं मिल पायी है। मंत्रालय ने पिछले साल शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी में उस समय के विभिन्न घटनाक्रमों के मद्देनजर जांच का आदेश दिया था।
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इन मामलों में ऑडिटर का इस्तीफा भी शामिल था। चार्टर्ड अकाउंटटेंट का शीर्ष निकाय भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) कुछ वित्त वर्षों के लिए शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी के वित्तीय खुलासों पर भी गौर कर रहा है। आईसीएआई के अध्यक्ष रंजीत कुमार अग्रवाल ने पिछले सप्ताह कहा था कि मामला प्रक्रियाधीन है। उल्लेखनीय है कि शिक्षा-प्रौद्योगिकी मंच बायजू के बहुलांश शेयरधारकों ने शुक्रवार को आसाधारण आम बैठक (ईजीएम) में लोकप्रिय तकनीकी स्टार्टअप में कथित ‘कुप्रबंधन और विफलताओं’ को लेकर संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बायजू रवींद्रन और उनके परिजनों को निदेशक मंडल से हटाने के लिए आम सहमति से मतदान किया।
हालांकि, बायजू मंच का संचालन करने वाली कंपनी थिंक एंड लर्न ने इस मतदान को ‘अमान्य’ बताते हुए इसे नकार दिया। कंपनी के निदेशक मंडल में फिलहाल रवींद्रन, उनकी पत्नी एवं सह-संस्थापक दिव्या गोकुलनाथ और उनके भाई रिजु रवींद्रन शामिल हैं।