facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

सरकार ने भारतीय खाद्य निगम की अधिकृत पूंजी बढ़ाकर 21,000 करोड़ रुपये की

Advertisement

मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ये उपाय फसल के बाद के नुकसान को कम करने और उपभोक्ताओं को खाद्यान्न के कुशल वितरण के लिए जरूरी हैं। 

Last Updated- February 17, 2024 | 4:02 PM IST
Hinduja Housing Finance to raise Rs 800 cr via capital bond, debentures

सरकार ने परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय खाद्य निगम (FCI) की अधिकृत पूंजी 10,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 21,000 करोड़ रुपये कर दी है। खाद्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

एफसीआई केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी है जो किसानों के हितों की रक्षा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खाद्यान्न की खरीद करता है। यह रणनीतिक भंडारण भी बनाए रखता है और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत अनाज वितरित करता है।

मंत्रालय ने बयान में कहा, “अधिकृत पूंजी में वृद्धि अपने अधिदेश को प्रभावी ढंग से पूरा करने में एफसीआई की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

इसमें कहा गया कि एफसीआई कोष की जरूरत को पूरा करने के लिए नकद ऋण, अल्पकालिक ऋण, अर्थोपाय आदि का सहारा लेता है। अधिकृत पूंजी में वृद्धि से ब्याज का बोझ कम होगा, आर्थिक लागत कम होगी और अंततः सरकारी सब्सिडी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पूंजी के इस प्रवाह के साथ एफसीआई अपनी भंडारण इकाइयों के आधुनिकीकरण, परिवहन नेटवर्क में सुधार और उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने पर भी काम करेगा।

मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ये उपाय फसल के बाद के नुकसान को कम करने और उपभोक्ताओं को खाद्यान्न के कुशल वितरण के लिए जरूरी हैं।

Advertisement
First Published - February 17, 2024 | 4:02 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement