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फ्लाइट सीट शुल्क पर सरकार का यू-टर्न: 60% फ्री सीट नियम फिलहाल स्थगित

एयरलाइंस की आपत्तियों के बाद फैसला टला; फिलहाल 20% सीटें ही बिना शुल्क बुकिंग के लिए उपलब्ध

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एजेंसियां   
Last Updated- April 03, 2026 | 8:47 AM IST

Flight Seat Charges: सरकार ने गुरुवार को एयरलाइंस को उड़ानों में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराने के अपने पहले के आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। 18 मार्च को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घोषणा की थी कि डीजीसीए को निर्देश दिया गया है कि वह एयरलाइंस को हर उड़ान में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के चयन के लिए उपलब्ध कराने का निर्देश दे, ताकि यात्रियों को निष्पक्ष सुविधा मिल सके।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने DGCA को भेजे एक पत्र में कहा, “फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस और अकासा एयर से मिले सुझावों के आधार पर इस मामले की समीक्षा की गई है। इसमें इस प्रावधान के परिचालन और व्यावसायिक प्रभावों, किराया संरचना पर संभावित असर और मौजूदा मुक्त (डिरेगुलेटेड) किराया व्यवस्था के साथ इसकी संगतता जैसे मुद्दों को उठाया गया। इन परिस्थितियों को देखते हुए और मामले की विस्तृत समीक्षा लंबित रहने तक, यह निर्णय लिया गया है कि कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना शुल्क देने का प्रावधान अगले आदेश तक स्थगित रखा जाएगा।”

Flight Seat Charges: अभी सीट चयन पर कितना है चार्ज

मौजूदा समय में कुल सीटों में से लगभग 20 प्रतिशत सीटें बिना शुल्क के बुक की जा सकती हैं, जबकि बाकी के लिए भुगतान करना पड़ता है। आमतौर पर एयरलाइंस सीट चयन के लिए 200 रुपये से 2,100 रुपये तक शुल्क लेती हैं, जो सीट की स्थिति जैसे फ्रंट रो या अतिरिक्त लेग रूम पर निर्भर करता है। हर उड़ान में 60 प्रतिशत सीटें मुफ्त चयन के लिए उपलब्ध कराने का प्रस्ताव उन बढ़ती शिकायतों के बीच लाया गया था, जिनमें कहा गया था कि एयरलाइंस सीट चयन समेत विभिन्न सेवाओं के लिए अधिक शुल्क वसूल रही हैं।

First Published : April 3, 2026 | 8:37 AM IST