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Green Hydrogen: ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन पर जिंदल स्टील का बड़ा दांव

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भारत की पहली स्टील कंपनी जेएसपीएल, ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल से स्टील उत्पादन को करेगी कार्बनमुक्त

Last Updated- September 16, 2024 | 10:07 PM IST
Green Hydrogen

नवीन जिंदल की जिंदल स्टील ऐंड पावर (जेएसपीएल) और जिंदल रिन्यूएबल पावर प्राइवेट (जेआरपीएल) ने ओडिशा के अंगुल में स्टील बनाने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन में निवेश के लिए सहमति पत्र पर (एमओयू) हस्ताक्षर किए हैं। नवीन जिंदल इसके प्रवर्तक हैं।

स्टील उत्पादक ने सोमवार को कहा कि यह किसी भी दूसरी भारतीय स्टील उत्पादक कंपनी के मुकाबले ग्रीन हाइड्रोजन में सबसे बड़ा निवेश होगा। करार के तहत जेएसपीएल ने अंगुल में अपनी डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (डीआरआई) इकाइयों में ग्रीन हाइड्रोजन को एकीकृत करने की योजना बनाई है। कंपनी ने बयान में कहा कि यह करार भारत के स्टील उद्योग को कार्बनमुक्त करने और हरित ऊर्जा नेतृत्व के प्रति दोनों कंपनियों की प्रतिबद्धता दर्शाता है।

पहले चरण में जिंदल रिन्यूएबल्स सालाना 4,500 टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता तैयार करेगी जो अगले साल दिसंबर तक शुरू होगी। परियोजना में सालाना 36,000 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति भी शामिल होगी, जिसका अंगुल स्टीलवर्क्स में उपयोग किया जाएगा। जेएसपीएल के संयंत्रों के लिए जेआरपीएल 3 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा की भी आपूर्ति करेगी, जिससे अगले दो से तीन वर्षों में कोयले से चलने वाली ऊर्जा पर स्टील कंपनी की निर्भरता 50 फीसदी तक कम हो जाएगी।

जेएसपीएल में रणनीति एवं कॉरपोरेट मामलों के निदेशक संजय सिंह ने कहा, ‘यह करार ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन एनर्जी का उपयोग कर कार्बनमुक्त होने की दिशा में हमारी यात्रा का महत्त्वपूर्ण पड़ाव है जो कम उत्सर्जन वाले स्टील में हमारे बदलाव को गति दे रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘अपनी उत्पादन प्रक्रियाओं में ग्रीन एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन को शामिल कर हम न केवल कार्बन कम कर रहे हैं बल्कि भारतीय स्टील उद्योग के लिए नए मानक भी तैयार कर रहे हैं। यह करार सतत विकास और नवोन्मेष के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।’

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First Published - September 16, 2024 | 10:07 PM IST

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