facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

HDFC AMC को RBI से मिली मंजूरी, DCB Bank, Karur Vysya सहित 2 और बैंकों में खरीदेगी हिस्सेदारी

Advertisement

Federal Bank, Karur Vysya को यह सुनिश्चित करना होगा कि अधिग्रहण उनकी चुकता शेयर पूंजी के 9.5% से अधिक न हो

Last Updated- September 21, 2023 | 3:09 PM IST
HDFC

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (HDFC AMC) को DCB Bank, करूर वैश्य बैंक (Karur Vysya Bank), फेडरल बैंक (Federal Bank) और इक्विटास स्मॉल फाइनैंस बैंक (Equitas Small Finance Bank) में से हिस्सेदारी खरीदने के लिए मंजूरी दे दी है। HDFC AMC सभी बैंकों से 9.5 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करेगी।

इक्विटास स्मॉल फाइनैंस बैंक ने एक्सचेंजों के साथ फाइलिंग में कहा, ‘रेगुलेशन 30 और SEBI (लिस्टिंग दायित्व और डिस्क्लोजर आवश्यकताएं) रेगुलेशन्स, 2015 के नियमों के मुताबिक, हम आपको सूचित करना चाहेंगे कि ‘बैंक को दी गई मंजूरी के संबंध में 20 सितंबर, 2023 को RBI से एक सूचना प्राप्त हुई है। HDFC Asset Management Company Limited (HDFC) ESFBL में भुगतान की गई इक्विटी कैपिटल या वोटिंग अधिकारों के 9.5% तक की ‘कुल होल्डिंग’ हासिल करेगी।’

इसके अलावा, बुधवार देर रात DCB Bank के एक एक्सचेंज बयान में कहा गया: ‘AMC को RBI द्वारा अप्रूवल की तारीख से एक वर्ष के भीतर बैंक में मेजर शेयरहोल्डिंग हासिल करने की सलाह दी गई है। अगर AMC निर्धारित अवधि के भीतर प्रमुख शेयरहोल्डिंग हासिल करने में विफल रहती है, तो RBI द्वारा दी गई मंजूरी रद्द कर दी जाएगी। इसके अलावा, AMC को यह सुनिश्चित करना होगा कि बैंक में कुल हिस्सेदारी हर समय बैंक की चुकता शेयर पूंजी (paid-up share capital) या वोटिंग अधिकार के 9.5% से ज्यादा न हो।

फेडरल बैंक और करूर वैश्य को यह सुनिश्चित करना होगा कि हिस्सेदारी अधिग्रहण हर समय उनकी भुगतान की गई शेयर कैपिटल या वोटिंग अधिकार के 9.5 प्रतिशत से अधिक न हो। फेडरल बैंक और करूर वैश्य ने गुरुवार को एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, ‘अगर कुल हिस्सेदारी 5% से कम हो जाती है, तो इसे बैंक की भुगतान की गई शेयर पूंजी या वोटिंग अधिकारों के 5% या उससे अधिक तक बढ़ाने के लिए RBI की पूर्व मंजूरी की आवश्यकता होगी।’

Advertisement
First Published - September 21, 2023 | 3:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement