प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक HDFC Bank ने 18 अप्रैल को मार्च 2026 तिमाही के नतीजे घोषित किए। इस तिमाही में बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा और स्टैंडअलोन आधार पर उसे 19,221 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ। यह मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही के 17,616 करोड़ रुपये के मुकाबले 9 प्रतिशत ज्यादा है, जिससे साफ है कि बैंक की कमाई में अच्छी बढ़त देखने को मिली है।
बैंक ने अपने शेयरधारकों को राहत देते हुए वित्त वर्ष 2026 के लिए फाइनल डिविडेंड का भी ऐलान किया है। बैंक 13 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के हिसाब से डिविडेंड देगा। हालांकि, यह डिविडेंड तभी मिलेगा जब शेयरधारक इसे अगली वार्षिक आम बैठक (AGM) में मंजूरी देंगे। बैंक ने यह भी साफ किया है कि इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 19 जून 2026 तय की गई है, यानी इसी तारीख तक जिन निवेशकों के पास शेयर होंगे, उन्हें इसका फायदा मिलेगा।
इससे पहले बैंक अगस्त 2025 में 2.5 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल अंतरिम डिविडेंड दिया था। अब इस फाइनल डिविडेंड को जोड़ने के बाद पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए कुल डिविडेंड 15.50 रुपये प्रति शेयर हो जाएगा, जिससे निवेशकों की कुल रिटर्न और बेहतर हो जाएगी।
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इस तिमाही में HDFC Bank की एसेट क्वालिटी में साफ सुधार देखने को मिला है। 31 मार्च 2026 तक बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) कुल लोन का 1.15 प्रतिशत रहा, जो दिसंबर 2025 के 1.24 प्रतिशत और मार्च 2025 के 1.33 प्रतिशत के मुकाबले बेहतर है। अगर कृषि क्षेत्र के खराब कर्जों को अलग कर दें तो यह आंकड़ा और भी मजबूत दिखता है। वहीं, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) घटकर कुल नेट एडवांसेज का सिर्फ 0.38 प्रतिशत रह गया है।
बैंक ने इस दौरान संभावित जोखिम को देखते हुए 2,610 करोड़ रुपये अलग रखे हैं। कुल क्रेडिट कॉस्ट रेशियो 0.35 प्रतिशत रहा, जो यह दिखाता है कि बैंक अपने लोन बुक को संभालने में सतर्क बना हुआ है।
कमाई के मोर्चे पर भी बैंक का प्रदर्शन ठीक रहा है। बैंक का नेट रेवेन्यू 5 प्रतिशत बढ़कर 46,280 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 44,090 करोड़ रुपये था। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 3.2 प्रतिशत बढ़कर 33,080 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो एक साल पहले 32,070 करोड़ रुपये थी। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) कुल एसेट्स के आधार पर 3.38 प्रतिशत और इंटरेस्ट कमाने वाली एसेट्स के आधार पर 3.53 प्रतिशत रहा।
जमा के मोर्चे पर भी HDFC Bank का प्रदर्शन मजबूत रहा है। मार्च 2026 तिमाही में बैंक की औसत जमा राशि 28.5 लाख करोड़ रुपये रही, जो मार्च 2025 तिमाही के 25.2 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 12.8 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, दिसंबर 2025 तिमाही के मुकाबले भी इसमें 3.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। औसत CASA जमा 9.18 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 10.8 प्रतिशत की ग्रोथ दिखाता है।
बैंक की पूंजी स्थिति भी काफी मजबूत बनी हुई है। Basel III नियमों के तहत 31 मार्च 2026 तक कुल कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 19.7 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल 19.6 प्रतिशत था। इसके अलावा Tier 1 CAR 17.7 प्रतिशत और Common Equity Tier 1 (CET1) रेशियो 17.3 प्रतिशत पर रहा, जो 11.9 प्रतिशत की रेगुलेटरी जरूरत से काफी ऊपर है।
शेयर बाजार में भी बैंक के प्रति भरोसा नजर आया। 17 अप्रैल को BSE पर इसके शेयर 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 800 रुपये पर बंद हुए थे।
बैंक लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार भी कर रहा है। 31 मार्च 2026 तक देशभर में इसकी 9,689 शाखाएं और 21,172 एटीएम हो चुके हैं, जो 4,175 शहरों और कस्बों में फैले हुए हैं। एक साल पहले मार्च 2025 में बैंक के पास 9,455 शाखाएं, 21,139 एटीएम और 4,150 शहरों में मौजूदगी थी।