प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) ने अपनी खदानों के विस्तार के लिए अगले पांच वर्ष में 7,188.90 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की योजना बनाई है।
कंपनी चालू वित्त वर्ष में 450.51 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय की योजना बना रही है। इसके बाद 2027 में 1,421.73 करोड़ रुपये, 2028 में 1,993.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही 2029 में 2,227.18 करोड़ रुपये और 2030 में 1,095.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
एचसीएल के ‘कॉरपोरेट प्लान-विजन 2030’ के अनुसार कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने का भी लक्ष्य रख रही है। कुल अयस्क उत्पादन 2025-26 में 42.1 लाख टन प्रति वर्ष से बढ़कर 2029-30 तक 1.22 करोड़ टन सालाना होने का अनुमान है। यह योजना कंपनी को विकास एवं परिवर्तन के अगले चरण में ले जाने के लिए तैयार की गई व्यापक रूपरेखा है। एचसीएल को उम्मीद है कि उसका कर पश्चात लाभ (पीएटी) 2026 में 589 करोड़ रुपये से बढ़कर 2030 तक 1,568 करोड़ रुपये हो जाएगा।
एचसीएल ने अपना ‘आईटी विजन दस्तावेज 2026-2030’ भी जारी किया जो एक डिजिटल रूप से एकीकृत एवं भविष्य के लिए तैयार संगठन की नींव रखता है।
कंपनी ने कहा, ‘यह पांच वर्षीय रूपरेखा एचसीएल को एक सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार तांबा उद्यम के रूप में स्थापित करने के लिए रणनीतिक डिजिटल बदलाव की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।’