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ICICI Bank Q4 Results: मुनाफे में 8.5% की जोरदार उछाल, ₹12 के डिविडेंड का हुआ बड़ा ऐलान!

ICICI बैंक ने चौथी तिमाही में ₹13,701 करोड़ का शानदार मुनाफा कमाया है। बेहतर एसेट क्वालिटी और ₹12 डिविडेंड के साथ बैंक ने अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति दिखाई है

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ऋषभ राज   
Last Updated- April 18, 2026 | 6:19 PM IST

ICICI Bank ने 18 अप्रैल को वित्त वर्ष 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे जारी किए। देश के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक ने इस दौरान मजबूत प्रदर्शन दिखाया। स्टैंडअलोन आधार पर बैंक का मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 8.5 प्रतिशत बढ़कर 13,701.68 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा 12,629.58 करोड़ रुपये था, यानी इस बार अच्छी बढ़त देखने को मिली है। 

बैंक के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 12 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि, डिविडेंड की घोषणा और उसका भुगतान जरूरी मंजूरियों के बाद ही किया जाएगा।

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एसेट क्वालिटी में सुधार

ICICI Bank की एसेट क्वालिटी इस तिमाही में मजबूत बनी रही। मार्च 2026 के अंत तक बैंक का ग्रॉस NPA रेशियो 1.40 प्रतिशत रहा, जो दिसंबर 2025 के 1.53 प्रतिशत और मार्च 2025 के 1.67 प्रतिशत के मुकाबले बेहतर है। वहीं नेट NPA रेशियो भी घटकर 0.33 प्रतिशत पर आ गया, जबकि पिछले साल मार्च में यह 0.39 प्रतिशत था। इस तिमाही में बैंक के नए ग्रॉस NPA (यानी नए फंसे हुए लोन) 4,242 करोड़ रुपये रहे, जो सालाना आधार पर कम हैं।

बैंक ने 1,768 करोड़ रुपये के ग्रॉस NPA को लिख-ऑफ भी किया। नॉन-परफॉर्मिंग लोन पर प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो 75.8 प्रतिशत रहा। इसके अलावा, बैंक ने फंड-बेस्ड आउटस्टैंडिंग पर 22,710 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान रखा है, जो कुल लोन का 1.5 प्रतिशत है।

ICICI Bank की कैपिटल पोजीशन भी मजबूत बनी हुई है। मार्च 2026 के अंत तक बैंक का कुल कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 17.18 प्रतिशत और CET-1 रेशियो 16.35 प्रतिशत रहा।

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खास बात यह है कि प्रस्तावित डिविडेंड का असर जोड़ने के बाद भी ये आंकड़े रेगुलेटरी जरूरतों से काफी ऊपर हैं। बैंक ने फंडरेजिंग को लेकर भी तैयारी पूरी कर ली है। बोर्ड ने डेब्ट सिक्योरिटीज जारी करने की लिमिट के सालाना नवीनीकरण (annual renewal) को मंजूरी दी है, जिसके तहत घरेलू बाजार में नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) समेत प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए 250 अरब रुपये तक जुटाए जा सकते हैं।

वहीं विदेशी बाजार में बॉन्ड, नोट्स या सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट के जरिए 1.50 बिलियन डॉलर तक फंड जुटाने की इजाजत दी गई है। इसके अलावा, इन डेब्ट सिक्योरिटीज के बायबैक (पुनर्खरीद) को भी मंजूरी मिली है। डिपॉजिट और लोन ग्रोथ भी अच्छी रही। मार्च 2026 तक बैंक के कुल डिपॉजिट 11.4 प्रतिशत सालाना बढ़कर 17,94,625 करोड़ रुपये हो गए। एवरेज करंट और सेविंग्स अकाउंट (CASA) डिपॉजिट 11.3 प्रतिशत बढ़े।

ICICI Bank एडवांस बढ़े, लोन ग्रोथ मजबूत

बैंक ने इस तिमाही में 126 नए ब्रांच जोड़े और पूरे वित्त वर्ष में 528 ब्रांच का विस्तार किया। इसके साथ ही बैंक का कुल ब्रांच नेटवर्क 7,511 और  ओऊश व कैश रिसाइक्लिंग मशीनों की संख्या 12,087 हो गई है।

ICICI Bank का कुल एडवांस 15.8 प्रतिशत सालाना बढ़कर 15,53,893 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। बैंक का रिटेल लोन पोर्टफोलियो 9.5 प्रतिशत बढ़ा और अब यह कुल लोन का 50.4 प्रतिशत हिस्सा बन चुका है।

वहीं बिजनेस बैंकिंग पोर्टफोलियो में 24.4 प्रतिशत, रूरल पोर्टफोलियो में 25.6 प्रतिशत और घरेलू कॉर्पोरेट पोर्टफोलियो में 9.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कुल मिलाकर, बैंक ने मजबूत ग्रोथ और बेहतर एसेट क्वालिटी के साथ वित्त वर्ष 2026 को पॉजेटिव तरीके से खत्म किया।

First Published : April 18, 2026 | 5:54 PM IST