भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने चार कंपनियों- फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज, भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (इरेडा), ईपैक डुरेबल और सूरज एस्टेट डेवलपर्स को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से धन जुटाने के लिए मंजूरी दे दी है।
सेबी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इन कंपनियों ने दस्तावेजों का ड्राफ्ट जुलाई और सितंबर के बीच जमा किया था। सेबी ने इन कंपनियों को 30 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच ‘निष्कर्ष पत्र’ (Observation letter) दिया।
सेबी की भाषा में किसी भी कंपनी को आईपीओ लाने के लिए ऑब्जर्वेशन जरूरी होता है।
दस्तावेजों के मसौदे के अनुसार, फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (Fedfina) के आईपीओ में 750 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयरों का एक नया निर्गम और प्रवर्तक फेडरल बैंक और मौजूदा शेयरधारक ट्रू नॉर्थ फंड-6 एलएलपी द्वारा 7.03 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) शामिल है।
यह भी पढ़ें : Stock Market Holiday Today: NSE, BSE में आज नहीं होगी ट्रेडिंग, ये है वजह
फेडरल बैंक OFS के तहत 1.65 करोड़ शेयर जारी करेगी। वहीं, ट्रू नॉर्थ फंड-6 एलएलपी 5.38 करोड़ शेयर बेचेगी।
पब्लिक सेक्टर की भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (IREDA) के आईपीओ में 40.31 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा इसमें 26.88 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश होगी।
कमरे वाले एयर कंडीशनर (AC) के अग्रणी डिजायन निर्माता ईपैक डुरेबल ( (EPACK Durable) की शुरुआती शेयर बिक्री में 400 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा इसमें प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के सदस्यों द्वारा 1.3 करोड़ इक्विटी शेयरों का OFS शामिल है।
ओएफएस के तहत, प्रमोटरों के अलावा, दो निवेशक शेयरधारक – इंडिया एडवांटेज फंड एस4 आई और डायनेमिक इंडिया फंड एस4 यूएस 1 – शेयर बेचेंगे।
यह भी पढ़ें : Protean eGov Tech IPO Listing: फीकी एंट्री से निवेशक निराश, नहीं मिला कोई लिस्टिंग गेन
जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल?
नए इश्यू से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं स्थापित करने, लोन के भुगतान और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा।
Suraj Estate आईपीओ
ताजा ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) के अनुसार, रियल एस्टेट कंपनी सूरज एस्टेट डेवलपर्स (Suraj Estate Developers) का आईपीओ पूरी तरह से 400 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयरों का एक फ्रेश इश्यू है, जिसमें बिक्री के लिए कोई प्रस्ताव (ओएफएस) नहीं है।
285 करोड़ रुपये का उपयोग कंपनी और उसकी सहायक कंपनियों एकॉर्ड एस्टेट्स और आइकॉनिक प्रॉपर्टी डेवलपर्स द्वारा लिए गए लोन के भुगतान के लिए किया जाएगा, 35 करोड़ रुपये तक भूमि अधिग्रहण के लिए, और शेष धनराशि का उपयोग कॉर्पोरेट उद्देश्य के लिए किया जाएगा।
इन कंपनियों के इक्विटी शेयर बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर लिस्ट होंगे।