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भारत डायनेमिक्स का FY25 में मिला-जुला प्रदर्शन, मजबूत ऑर्डर बैकलॉग के बीच राजस्व बढ़ोतरी पर ध्यान जरूरी

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ब्रोकरों का मानना है कि कंपनी के लिए कार्यान्वयन की रफ्तार बढ़ाना जरूरी है। कंपनी भारतीय सशस्त्र बलों के लिए गाइडेड मिसाइल और संबंधित उपकरण बनाती है।

Last Updated- June 02, 2025 | 10:45 PM IST
Bharat Dynamics Ltd
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

रक्षा क्षेत्र की प्रमुख सरकारी कंपनी भारत डायनेमिक्स (बीडीएल) ने वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में मिलाजुला प्रदर्शन किया है। जहां उसका राजस्व एक साल पहले के मुकाबले दोगुना हो गया, वहीं मुनाफा औसत से कम रहा। कंपनी के पास ऑर्डर और बैकलॉग मजबूत हैं जिससे आगे चलकर मजबूत राजस्व की संभावना है।

ब्रोकरों का मानना है कि कंपनी के लिए कार्यान्वयन की रफ्तार बढ़ाना जरूरी है। कंपनी भारतीय सशस्त्र बलों के लिए गाइडेड मिसाइल और संबंधित उपकरण बनाती है। विश्लेषक मध्यावधि से दीर्घावधि नजरिये से इस शेयर पर सकारात्मक हैं। यह शेयर महज तीन महीने में 93 फीसदी तक चढ़ा है। हालांकि अल्पावधि में तेजी सीमित रह सकती है, क्योंकि यह शेयर अपने 34 गुना के पांच वर्षीय औसत के मुकाबले 54 गुना के आसपास कारोबार कर रहा है।

वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 108 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 112 प्रतिशत बढ़कर 1,770 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2025 में सालाना आधार पर राजस्व में 42 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह लगभग 3,345 करोड़ रुपये रहा। राजस्व के मोर्चे पर वृद्धि को बेहतर क्रियान्वयन से मदद मिली।

भविष्य में राजस्व वृद्धि ऑर्डर और बैकलॉग के साथ उन्हें पूरा करने पर निर्भर करेगी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में 6,660 करोड़ रुपये के ऑर्डर लिए। इनमें मध्यम रेंज की सरफेस-टु-सरफेस एयर मिसाइलों (एमआरएसएएम) से संबंधित सौदे ज्यादा थे। इसके अलावा भारतीय सशस्त्र बलों को हथियारों की आपूर्ति  से भी ऑर्डर बुक बढ़ी। ऑर्डर बुक और बैकलॉग वित्त वर्ष 2025 की बिक्री का सात गुना है। इसके अलावा, लगभग 20,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर प्रस्ताव भी तीन साल के नजरिए से मजबूत है। इनमें अस्त्र एमके 2 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, एमआरएसएएम और क्विक रिएक्शन एसएएम (क्यूआरएसएएम) का बड़ा ऑर्डर शामिल है।

दमदार ऑर्डर बुक और बैकलॉग के बावजूद कंपनी आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों की वजह से कुछ ऑर्डरों को पूरा करने में सक्षम नहीं हो सकी। उसे दो-तीन साल से आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऑर्डरों को पूरा करने में विलंब मुख्य रूप से युद्ध प्रभावित देशों रूस और इजरायल की वजह से भी हुआ जिनके कुछ पुर्जों पर उसकी निर्भरता है। ऐंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का मानना है अब ये चुनौतियां धीरे धीरे घट रही हैं और वित्त वर्ष 2026 में कंपनी 30 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज कर सकती है।

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First Published - June 2, 2025 | 10:17 PM IST

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