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10 साल में 10वें नंबर से 1 पहले नंबर तक! जानिए कैसे भारत बना दुनिया में kitkat का सबसे बड़ा मार्केट

किटकैट के लिए भारत दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। नए फ्लेवर्स और बेहतरीन मार्केटिंग के दम पर भारत ने जापान और ब्राजील को पीछे छोड़ दिया

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- May 17, 2026 | 5:11 PM IST

चॉकलेट लवर्स के लिए मशहूर वेफर बार ‘किटकैट’ (KitKat) को लेकर एक बड़ी खबर आई है। स्विट्जरलैंड की दिग्गज फूड और कन्फेक्शनरी कंपनी नेस्ले (Nestlé) का यह मशहूर ब्रांड अब भारत में दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। कंपनी के मुताबिक, भारतीय उपभोक्ताओं के बीच बढ़ती पैठ, नए-नए फ्लेवर्स के इनोवेशन और विज्ञापनों पर आक्रामक निवेश के दम पर किटकैट ने यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।

पिछले 2-3 सालों से भारत वैश्विक स्तर पर इस ब्रांड के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार बना हुआ था, लेकिन अब इसने सबको पीछे छोड़ दिया है। 85 से ज्यादा देशों में बिकने वाले किटकैट के लिए भारत का नंबर वन बनना यह दिखाता है कि वैश्विक स्तर पर भारतीय बाजार की अहमियत कितनी तेजी से बढ़ रही है। दिलचस्प बात यह है कि नेस्ले के पोर्टफोलियो में ‘मैगी’ (Maggi) के बाद किटकैट दूसरा ऐसा ब्रांड बन गया है, जिसके लिए भारत दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट है।

10 साल में 10वें नंबर से सीधे टॉप पर पहुंचा भारत

नेस्ले इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में बताया, “भारत अब वैश्विक स्तर पर किटकैट के लिए सबसे बड़ा बाजार है। पिछले कुछ वर्षों में इस ब्रांड ने मार्केट शेयर के मामले में अपनी ग्रोथ को काफी तेज किया है।” 

करीब एक दशक पहले तक किटकैट की ग्लोबल रैंकिंग में भारत 10वें स्थान पर था, जहां से सफर तय करते हुए आज यह टॉप पर पहुंच गया है।

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वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में नेस्ले इंडिया के कन्फेक्शनरी पोर्टफोलियो को मजबूत बनाए रखने में किटकैट का सबसे बड़ा योगदान रहा है। इसके चलते इस सेगमेंट ने वैल्यू (कीमत) और वॉल्यूम (बिक्री की संख्या) दोनों ही मामलों में हाई डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत से पीछे छूटने वाले अन्य प्रमुख देशों में जापान, ब्राजील और यूरोप शामिल हैं।

नए फ्लेवर्स और अनूठे आइडिया से मिली रफ्तार

नेस्ले इंडिया के कन्फेक्शनरी और सीरियल्स डायरेक्टर जगदीशन गोपीचंदर ने बताया कि किटकैट की इस शानदार परफॉर्मेंस के पीछे ग्राहकों के बीच कोर पेनेट्रेशन बढ़ाना और नए डिमांड स्पेस में एंट्री करना रहा है। कंपनी ने ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कई नए प्रयोग किए हैं।

गिफ्टिंग के लिए कंपनी ने ‘KitKat Celebreak’ और छोटे-छोटे बाइट्स के लिए ‘KitKat Pops’ को बाजार में उतारा। इसके अलावा प्रीमियम सेगमेंट को ध्यान में रखते हुए ‘किटकैट डिलाइट्स’ रेंज पेश की गई, जिसमें साल्टेड कैरेमल और हेज़लनट जैसे फ्लेवर्स शामिल हैं। वहीं मेनस्ट्रीम ग्राहकों के लिए ‘किटकैट डुओ’ और ‘लेमन एंड लाइम’ जैसे अनूठे फ्लेवर्स लॉन्च किए गए।

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इसके साथ ही कंपनी ने विजीकूलर (कांच के दरवाजे वाले कमर्शियल फ्रिज) प्रोग्राम में भारी निवेश किया है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में चॉकलेट को सही तापमान पर डिस्प्ले करने और बेचने में मदद मिली। नेस्ले इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने इसके पहले के वित्त वर्ष (FY25) में ही भारत के भीतर किटकैट की 3,950 मिलियन फिंगर्स बेची थीं। वहीं अगर मैगी की बात करें, तो भारत में उसकी सालाना 5 अरब से ज्यादा सर्विंग्स बेची जाती हैं।

(PTI के इनपुट के साथ)

First Published : May 17, 2026 | 4:35 PM IST