इंडिया ग्रिड ट्रस्ट ने महाराष्ट्र में धुले सबस्टेशन में सौर पैनल के साथ अपनी पहली बैटरी भंडारण प्रणाली (BSES) परियोजना चालू की है। कंपनी ने बुधवार को बयान में कहा कि परियोजना सबस्टेशन की खपत की अतिरिक्त जरूरत को पूरा करेगी। यह न केवल कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी बल्कि क्षेत्र में ऊर्जा बदलाव के अवसरों में हमारी उपस्थिति के विस्तार को लेकर एक नमूने के रूप में काम करेगी।
कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हर्ष शाह ने कहा कि यह सुविधा सौर और बैटरी भंडारण प्रणाली के क्षेत्र में ऊर्जा बदलाव के अवसरों में भाग लेने को इंडिया ग्रिड की क्षमता को बढ़ाने के लिये एक परीक्षण स्थल के रूप में भी काम करेगी।
उन्होंने कहा, ‘इस परियोजना के सुचारू रूप से काम करने के साथ हम अपने अन्य सबस्टेशन में इसी तरह की प्रणालियों को लगाने और अपने परिचालन स्तर पर उत्सर्जन को कम करने की उम्मीद कर रहे हैं।’
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इंडिया ग्रिड देश के बिजली क्षेत्र में पहला बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट है। कंपनी के पास 17 बिजली परियोजनाएं, 46 पारेषण लाइन, 13 सबस्टेशन और 100 मेगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता है।