देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (Indigo) की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) को कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील) से 1,666 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड नोटिस मिला है। इसकी जानकारी कंपनी ने बुधवार (22 नवंबर) को दी।
21 नवंबर, 2023 को दिए गए नोटिस के अनुसार, आकलन वर्ष 2016-17 के लिए 740 करोड़ रुपये और असेसमेंट ईयर 2017-18 के लिए 927 करोड़ रुपये की मांग से संबंधित हैं।
इंडिगो ने एक्सचेंज में एक नियामक फाइलिंग में कहा, “असेसमेंट ऑफिसर ने आकलन वर्ष 2016-17 के लिए 739.68 करोड़ रुपये और आकलन वर्ष 2017-18 के लिये 927.03 करोड़ रुपये की मांग की है, जिसके खिलाफ कंपनी ने सीआईटी-अपील के समक्ष अपील की थी।”
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यह मांग विमान और इंजन के अधिग्रहण के दौरान मैन्युफैक्चरर्स से कंपनी को मिले कुछ इंसेंटिव के टैक्स ट्रीटमेंट के साथ-साथ कुछ खर्चों की अस्वीकृति से संबंधित है।
एयरलाइन ने कहा, कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील) ने पर्सनल हियरिंग का मौका दिए बिना और मामले को गुण-दोष के आधार पर तय किए बिना कर योग्य आय में संशोधन की पुष्टि करने वाले आदेश पारित किए हैं।
आदेश के खिलाफ चुनौती देगी कंपनी
कंपनी इन आदेशों के खिलाफ उचित कानूनी उठाते हुए इस निर्णय को चुनौती देगा। वकील की कानूनी सलाह के आधार पर इंडिगो का दावा है कि प्राधिकरण द्वारा लिए गए विचार टिकाऊ नहीं हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि उल्लिखित आंकड़ों में ब्याज और जुर्माना शामिल नहीं है।
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एयरलाइन निष्पक्ष और उचित समाधान सुनिश्चित करने के लिए कानूनी चैनलों के माध्यम से विवाद को संबोधित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बीएसई पर इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के शेयर 20.50 रुपये या 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,600.00 रुपये पर बंद हुए।