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Air India पर 22,000 करोड़ का बड़ा नुकसान, Tata और Singapore Airlines से मांगी मदद

Air India Plane Crash: लगातार बाहरी झटकों और बढ़ती लागत के कारण एयर इंडिया को वित्त वर्ष में भारी घाटा हुआ है और उसकी वित्तीय स्थिति दबाव में है।

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एजेंसियां   
Last Updated- April 15, 2026 | 2:40 PM IST

एयर इंडिया लिमिटेड को वित्त वर्ष 31 मार्च को समाप्त हुए साल में भारी नुकसान हुआ है। कंपनी को इस दौरान 22,000 करोड़ रुपये (करीब 2.4 अरब डॉलर) से ज्यादा का घाटा झेलना पड़ा, जो पहले के अनुमान से कहीं अधिक है।

सूत्रों के अनुसार, यह नुकसान पहले ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताए गए करीब 1.6 अरब डॉलर के आंतरिक अनुमान से भी बड़ा है। इस अवधि में कई बड़ी घटनाओं का असर एयरलाइन के कारोबार पर पड़ा, जिनमें बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान से जुड़ा घातक हादसा, भारतीय एयरलाइंस के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का बंद होना और पश्चिम एशिया में जारी तनाव शामिल हैं।

इस भारी घाटे के बाद एयर इंडिया अब अपने शेयरधारकों से अतिरिक्त वित्तीय मदद लेने की कोशिश कर रही है। कंपनी के नियंत्रक शेयरधारक Tata Group और 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली Singapore Airlines Ltd इस समय एयरलाइन में नई पूंजी डालने को लेकर बातचीत कर रहे हैं।

हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि कितनी राशि का निवेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि संभावित फंडिंग एयर इंडिया की पूरी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त भी नहीं हो सकती, ऐसे में कंपनी को आगे अन्य वित्तीय विकल्प भी तलाशने पड़ सकते हैं।

इस बीच, Air India Ltd पर परिचालन लागत और बाहरी हालातों का दबाव लगातार बना हुआ है, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

टाटा ग्रुप और एयर इंडिया की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। वहीं सिंगापुर एयरलाइंस ने भी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

एयर इंडिया को हाल ही में भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है, जो कंपनी के लिए एक अहम समय पर सामने आया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Campbell Wilson ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि वह इस साल के अंत में अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।

नियामक की ताजा वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट में एयर इंडिया को सुरक्षा से जुड़ी खामियों के मामले में सबसे खराब रेटिंग मिली है। इसके बावजूद कंपनी अपने बेड़े के विस्तार की बड़ी योजनाएं बना रही है, लेकिन उसे अब तक यात्रियों से मिलने वाली आमदनी यानी यील्ड बढ़ाने और सेवाओं में सुधार करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

इसी बीच यह भी बताया गया है कि घाटे को कम करना उन प्रमुख शर्तों में शामिल है, जिनके आधार पर Natarajan Chandrasekaran को टाटा ग्रुप के चेयरमैन के रूप में तीसरा कार्यकाल देने पर विचार किया जा रहा है। यह जानकारी Bloomberg News ने फरवरी में दी थी।

एयर इंडिया ने वित्तीय वर्ष की शुरुआत अच्छे संकेतों के साथ की थी। अप्रैल 2025 के शुरुआती हफ्तों में कंपनी ने ऑपरेटिंग स्तर पर मुनाफा भी दर्ज किया था। लेकिन इसके बाद हालात तेजी से बदल गए।

मई में पाकिस्तान की ओर से भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिए जाने के बाद एयर इंडिया की उड़ानों को लंबा रास्ता लेना पड़ा। खासकर अमेरिका और यूरोप जाने वाली फ्लाइट्स पर इसका सीधा असर पड़ा और लागत बढ़ गई।

इसके बाद जून में बोइंग ड्रीमलाइनर विमान के एक भीषण हादसे ने कंपनी को बड़ा झटका दिया। इस दुर्घटना में 240 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। हादसे के बाद एयर इंडिया को अपनी कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों में कटौती करनी पड़ी।

इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए टैरिफ और विदेशी वर्कर वीजा पर सख्ती ने भी कंपनी की कमाई पर दबाव बढ़ाया।

इन लगातार झटकों की वजह से एयर इंडिया वित्त वर्ष के अंत तक ऑपरेशनल ब्रेक-ईवन का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई, जो 31 मार्च को खत्म हुआ।

वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव का असर भी एयर इंडिया पर गहरा पड़ा है। यह क्षेत्र कंपनी की कुल क्षमता का लगभग 16 प्रतिशत हिस्सा है, जहां कई उड़ानें प्रभावित या बंद करनी पड़ी हैं। इसके चलते यूरोप और अमेरिका की फ्लाइट्स को भी अब लंबा और महंगा रूट लेना पड़ रहा है, जबकि जेट फ्यूल की कीमतें भी बढ़ी हुई हैं।

वहीं सिंगापुर एयरलाइंस, जिसने 2024 में विस्तारा के एयर इंडिया में विलय के बाद इसमें हिस्सेदारी ली थी, उसकी कमाई पर भी एयर इंडिया के कमजोर प्रदर्शन का असर पड़ा है।

First Published : April 15, 2026 | 2:40 PM IST