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एयर इंडिया पर ‘युद्ध’ की मार! कर्मचारियों से CEO बोले: संघर्ष से कंपनी पर भारी असर, कठिन समय शुरू

पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते एयर इंडिया की 2500 उड़ानें रद्द हुई हैं। ईंधन की कीमतें दोगुने होने से कंपनी की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ गई हैं

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 22, 2026 | 3:48 PM IST

एयर इंडिया के MD-CEO कैंपबेल विल्सन ने अपने कर्मचारियों को भेजे एक मैसेज में कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से कंपनी पर भारी असर पड़ रहा है। यह संघर्ष अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी से शुरू हुआ है। अभी तक इसका पूरा आर्थिक नुकसान सामने नहीं आया है, लेकिन आने वाले दिनों में यह और साफ दिखेगा।

विल्सन ने बताया कि संघर्ष शुरू होने के तीन हफ्तों में एयर इंडिया को पश्चिम एशिया इलाके की करीब 2,500 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। आजकल कंपनी वहां अपनी सामान्य उड़ानों का सिर्फ 30 फीसदी ही चला पा रही है। वजह है कि कई एयरपोर्ट बंद हैं या एयरस्पेस पर पाबंदियां लगी हुई हैं, और सुरक्षा के लिहाज से कई जगह उड़ान भरना जोखिम भरा लग रहा है।

ईंधन की कीमतों में भारी उछाल और लंबे रूट

इसके अलावा UK, यूरोप और उत्तर अमेरिका की उड़ानें भी अब पहले से ज्यादा लंबे रास्ते से जा रही हैं। इससे प्लेन ज्यादा ईंधन जलाते हैं और समय भी ज्यादा लगता है। जेट फ्यूल की स्पॉट कीमत अब दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। विल्सन ने कहा कि इसका असर कंपनी की जेब पर अगले महीने से पूरी तरह पड़ेगा।

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एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस पहले से ही घाटे में चल रही हैं। इस संघर्ष से ऑपरेशन में और मुश्किलें आई हैं। विल्सन ने माना कि आर्थिक अनिश्चितता के बीच लोग पहले जितना सफर करने को तैयार नहीं रहेंगे। कई लोग घर पर ही रुकना पसंद कर सकते हैं।

फ्यूल सरचार्ज लगाया, लेकिन मांग घटने का डर

ईंधन की कीमतें बढ़ने से एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और आकासा एयर ने टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लगा दिया है। लेकिन विल्सन ने साफ कहा कि हर पैसेंजर ज्यादा किराया देने को तैयार नहीं होता। टिकट इतना महंगा करने की एक सीमा है, उसके बाद मांग गिर सकती है।

कुछ जगहों पर नई मांग दिख रही है, जैसे यूरोप और उत्तर अमेरिका के कुछ शहरों में अतिरिक्त उड़ानें लगाई जा रही हैं। लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में एयरलाइंस पहले से ही हाई फ्यूल प्राइस की वजह से उड़ानें कम कर रही हैं। विल्सन ने कहा कि ईंधन की कीमत, टिकट के दाम और पैसेंजरों की मांग के हिसाब से आगे एडजस्टमेंट करना पड़ सकता है।

विल्सन ने कर्मचारियों से अपील की कि अभी सुरक्षित ऑपरेशन पर फोकस रखें, बेकार या गैर-जरूरी खर्चों पर सख्ती से कंट्रोल करें, एक-दूसरे का साथ दें और पैसेंजर्स को बढ़िया सर्विस देते रहें।

(PTI के इनपुट के साथ)

First Published : March 22, 2026 | 3:27 PM IST