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LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा आदेश, अब तेजी से बिछेंगी पाइपलाइन और हर घर तक पहुंचेगी PNG

सरकार ने गैस इंफ्रास्ट्रक्चर तेज करने और सप्लाई सुधारने के लिए नए नियम लागू किए।

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सुधीर पाल सिंह   
Last Updated- March 25, 2026 | 10:19 AM IST

LPG Shortage: सरकार ने गैस इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में हो रही देरी को कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत एक नया आदेश जारी किया है।

यह फैसला मध्य पूर्व संकट के कारण सप्लाई में आ रही बाधाओं के बीच लिया गया है, ताकि देश में प्राकृतिक गैस से जुड़ी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो सके।

नए आदेश के तहत पाइपलाइन बिछाने और उनके विस्तार के लिए तय समय सीमा निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य मंजूरी मिलने में होने वाली देरी और जमीन से जुड़ी दिक्कतों को कम करना है, जो अब तक प्रोजेक्ट्स को धीमा कर देती थीं।

मंत्रालय के अनुसार, यह आदेश भारत के राजपत्र में प्रकाशित हो चुका है और तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। इससे गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तेज और निवेश के अनुकूल बनाया जाएगा।

सरकार ने कहा है कि यह सुधार देश को गैस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लक्ष्य के अनुरूप है।

मंत्रालय के अनुसार, इस सुधार का मुख्य उद्देश्य प्रक्रियाओं को आसान बनाना और नियमों से जुड़ी जटिलताओं को कम करना है, ताकि सभी संबंधित पक्षों को काम करने में सुविधा हो।

मंत्रालय ने बताया कि यह कदम कारोबार करने में आसानी बढ़ाने के लिए उठाया गया है। इसके तहत प्रक्रियाएं सरल की जाएंगी, अनावश्यक अड़चनों को हटाया जाएगा और कामकाज के लिए पारदर्शी और स्थिर माहौल तैयार किया जाएगा।

इस सुधार में पारदर्शी नियम व्यवस्था, कंपनियों के लिए काम करने में लचीलापन और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने पर खास जोर दिया गया है।

सरकार का कहना है कि देश में ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है और वैश्विक स्तर पर भी ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। ऐसे में एक मजबूत और विविधतापूर्ण व्यवस्था बनाना जरूरी हो गया है।

सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से गैस से जुड़े ढांचे के विकास में तेजी आएगी, लोगों की प्राकृतिक गैस तक पहुंच बेहतर होगी और ऊर्जा के विकल्पों में गैस की भूमिका और मजबूत होगी।

First Published : March 25, 2026 | 10:12 AM IST