उद्योग

समुद्र के नीचे अरबों का खजाना, फिर भी खाली हाथ! नीति की खामियों पर बड़ा खुलासा

संसदीय समिति ने अपतटीय खनन में निवेश की कमी के पीछे नीतिगत खामियां बताते हुए नई नीति और फंडिंग ढांचे की सिफारिश की है।

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- April 18, 2026 | 9:33 AM IST

संसद की एक समिति ने समुद्र तट के किनारे खनिज संसाधनों के दोहन की तैयारी में खामियों को उजागर करते हुए एक समर्पित अपतटीय खनिज अन्वेषण नीति और फंडिंग व्यवस्था की सिफारिश की है। सरकार द्वारा अपतटीय ब्लॉकों की नीलामी के पहले प्रयास में निवेशकों की ओर से रुचि न दिखाए जाने के बाद समिति की सिफारिशें आई हैं।

कोयला, खनन और स्टील पर बनी संसद की स्थायी समिति ने नैशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ऐंड डेवलपमेंट ट्रस्ट पर अपनी 23वीं रिपोर्ट में कहा कि खासकर महत्त्वपूर्ण खनिजों को सुरक्षित करने के मामले में अपतटीय अन्वेषण बड़े पैमाने पर अप्रयुक्त समुद्र तल खनिजों का दोहन करने और दीर्घकालिक संसाधन सुरक्षा को मजबूत करने का ‘महत्त्वपूर्ण अवसर’ प्रस्तुत करता है।

समिति ने खान मंत्रालय से एक स्पष्ट नीतिगत ढांचा तैयार करने की सिफारिश की, जिसमें पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण जैसी एजेंसियों सहित अंतर-मंत्रालयी समन्वय और फंडिंग की व्यवस्था हो।

First Published : April 18, 2026 | 9:33 AM IST