प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
केंद्रीय बिजली नियामक आयोग (सीईआरसी) ने पिछले हफ्ते बिजली एक्सचेंजों में मार्केट कपलिंग का प्रस्ताव किया है। इसका बिजली बाजार मूल्य खोज का केंद्रीयकरण करना है। इस प्रक्रिया के तहत, ग्रिड इंडिया को मार्केट कपलिंग ऑपरेटर (एमसीओ) नामित किया गया है।
सीईआरसी (बिजली बाजार) नियमन 2021 के मसौदा संशोधन के मुताबिक नियामक ने ग्रिड इंडिया को सभी पावर एक्सचेंजों से होने वाली खरीद और बिक्री की बोलियों को एक पूल में मिलाकर मूल्य निर्धारण प्रक्रिया को केंद्रीय रूप से प्रबंधित करने का अधिकार दिया है।
इस भूमिका के लिए ग्रिड इंडिया एक समर्पित डिवीजन बनाएगा। अधिसूचना के मुताबिक वह मार्केट कपलिंग के बाजार के संचालन और प्रबंधन का दायित्व भी संभालेगा।
ऊर्जा क्षेत्र में मार्केट कपलिंग का इस्तेमाल विशेष रूप से बिजली बाजारों में कुशलता में सुधार और कई आपस में जुड़े हुए बाजारों की दक्षता में सुधार के लिए किया जाता है।
पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड (पीएक्सआईएल) के एमडी और सीईओ, विवेक सिंगला ने एक बयान में कहा, ‘यह नियामकीय प्रगति हमारे उस दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अनुरूप है कि मार्केट कपलिंग इस वक्त की मांग है, जिससे बाजार के अलगाव को समाप्त किया जा सकेगा और पारेषण व्यवस्था का अधिकतम इस्तेमाल हो सकेगा। एक्सचेंज ने कहा कि एक समान मूल्य निर्धारण के अलावा मार्केट कपलिंग आर्थिक अधिशेष को अधिकतम करेगा, ग्रिड के उपयोग का अनुकूलन करेगा और प्रतिस्पर्धा तथा नकदी को बढ़ाएगा।
सिद्धांत रूप में सभी एक्सचेंजों में बोलियों का एकत्रीकरण एक ही उत्पाद के लिए कई कीमतों के कारण होने वाली भ्रम की स्थिति को समाप्त करता है और यह सुनिश्चित करता है कि सभी प्रतिभागी सबसे कुशल मार्केट क्लियरिंग प्राइस का लाभ उठा सकें।