प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के भीतर डायग्नोस्टिक्स सेक्टर का प्रदर्शन वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में फार्मास्युटिकल्स और अस्पताल जैसे अपने सहयोगी सेगमेंट से बेहतर रहने की उम्मीद है। वॉल्यूम में बढ़ोतरी और रियलाइजेशन स्थिर रहने के साथ यह सेगमेंट अपने सेक्टर में चौथी तिमाही में सबसे ज्यादा राजस्व और मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज कर सकता है।
ईरान युद्ध से पहले डायग्नोस्टिक सेक्टर के शेयरों ने अपने हेल्थकेयर सहयोगियों के मुकाबले कमज़ोर प्रदर्शन किया था। लेकिन 28 फरवरी के बाद उनका प्रदर्शन बेंचमार्क के साथ-साथ फार्मा और हॉस्पिटल सेक्टर के शेयरों से भी बेहतर रहा है।
वृद्धि की बेहतर राह के अलावा डायग्नोस्टिक सेक्टर पर ईरान युद्ध का असर कम पड़ा है क्योंकि यह पूरी तरह से घरेलू बाजार पर केंद्रित है। जहां एक ओर हॉस्पिटल शेयरों की पहुंच पश्चिम एशिया के बाजारों और मेडिकल टूरिज्म सेगमेंट तक है और फार्मा सेगमेंट पर अमेरिकी बाजार में कई तरह की रुकावटों का दबाव है, वहीं डायग्नोस्टिक सेक्टर पर इसका कोई असर नहीं है।
डायग्नोस्टिक क्षेत्र की बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों से चौथी तिमाही में 15-20 फीसदी की राजस्व वृद्धि की उम्मीद है जबकि फार्मा क्षेत्र के पीछे रहने और एक अंक में वृद्धि दर्ज करने की संभावना है।
एमके रिसर्च के अंशुल अग्रवाल और विजय सेठिया को उम्मीद है कि डायग्नोस्टिक्स कंपनियों के लिए एक और मजबूत तिमाही रहेगी। इसकी वजह है कीमतों का स्थिर माहौल और साथ ही प्रिवेंटिव टेस्टिंग (बीमारी से बचाव के लिए जांच) के प्रति ग्राहकों में बढ़ती जागरूकता, जिसका फ़ायदा मौजूदा कंपनियों को मिल रहा है। उन्हें उम्मीद है कि मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर का राजस्व 24 फीसदी बढ़ेगा। उसके बाद विजय डायग्नोस्टिक सेंटर का 20 फीसदी और डॉ. लाल पैथलैब्स का 11 फीसदी बढ़ेगा। मार्जिन में बढ़त की अगुआई विजय डायग्नोस्टिक सेंटर करेगा, जिसके मार्जिन में सालाना आधार पर 175 आधार अंकों का विस्तार होने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज का कहना है कि वित्त वर्ष 27 में नए जांच केंद्रों को जोड़ने पर ध्यान देने से मार्जिन की रफ्तार और तेज होनी चाहिए। ब्रोकरेज ने इन तीनों डायग्नोस्टिक शेयरों को खरीद की रेटिंग दी है और इनके लिए जो लक्षित कीमत तय की है, उनके हिसाब से इनमें 27-40 फीसदी तक की बढ़त की संभावना है। हेल्थकेयर सेक्टर में यह सबसे ज्यादा संभावित बढ़त है।
एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग का मानना है कि मिक्स ऑप्टिमाइज़ेशन और एकमुश्त टेस्ट पैकेज डायग्नोस्टिक कंपनियों को मज़बूत वॉल्यूम हासिल करने में मदद करेंगे। साथ ही, ब्रोकरेज के सुमित गुप्ता और अंकुर भाडेकर बताते हैं कि वेलनेस टेस्ट की लगातार बढ़ती मांग, टेस्ट/मरीज़ों के वॉल्यूम के लिए अच्छा संकेत है। इस सेक्टर की कंपनियों का परिचालन मुनाफा सालाना आधार पर 21 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें परिचालन लिवरेज बढ़ने के कारण मार्जिन 110 आधार अंक बढ़कर 27.4 फीसदी हो जाएगा। समायोजित शुद्ध लाभ भी सालाना आधार पर 20 फीसदी बढ़ने की आशा है। ब्रोकरेज का विजय डायग्नोस्टिक को लेकर तेजी का नजरिया है और उसे उम्मीद है कि यह शेयर 19 फीसदी तक चढ़ेगा।
जेएम फाइनैंशियल रिसर्च ने डायग्नोस्टिक सेक्टर को अपग्रेड किया है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ऑफलाइन कंपनियों की ओर बदलाव, मूल्यांकन में सुधार और भूराजनीतिक जोखिमों के सीमित असर के साथ इस सेक्टर में वृद्धि वापस आ रही है। उसे उम्मीद है कि मुख्य बाजारों में रिकवरी की वजह से डायग्नोस्टिक सेक्टर मार्च तिमाही में बेहतर प्रदर्शन करेगा।
ब्रोकरेज फर्म के विश्लेषकों ने प्रबंधन से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा है कि मरीज़ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से वापस ऑफलाइन कंपनियों की ओर लौट रहे हैं जबकि अस्पतालों से बिजनेस-टु-बिजनेस (बी2बी) मांग में भी सुधार हो रहा है।
उन्हें उम्मीद है कि यह सेक्टर 15-19 फीसदी की राजस्व और परिचालन मुनाफा दर्ज करेगा। इसमें विजय खुद के दम पर वृद्धि और मार्जिन दोनों मामलों में सबसे आगे रहेगी। परिचालन लिवरेज के कारण यह सेक्टर मार्जिन में सालाना आधार पर 98 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है। विश्लेषकों ने मूल्यांकन में सुधार, वृद्धि की बेहतर संभावना और भूराजनीतिक जोखिमों के सीमित असर को देखते हुए अस्पतालों के मुकाबले डायग्नोस्टिक सेक्टर की रेटिंग बढ़ाई है।
इसने डॉ. लाल, विजय डायग्नोस्टिक और मेट्रोपोलिस को खरीद की रेटिंग दी है जबकि कृष्णा डायग्नोस्टिक्स को बिकवाली की रेटिंग दी है। इन शेयरों में 21-58 फीसदी तक की बढ़त की संभावना है।