उद्योग

फार्मा से लेकर कृषि तक, सरकार ने बढ़ाया LPG कोटा

सरकार ने औषधि, कृषि और अन्य क्षेत्रों के लिए एलपीजी आवंटन 70 प्रतिशत तक बढ़ाया, उद्योगों को मिलेगी राहत

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भाषा   
Last Updated- April 09, 2026 | 9:36 AM IST

सरकार ने बुधवार को औषधि, खाद्य, पॉलिमर, कृषि और कई अन्य क्षेत्रों के लिए तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का आवंटन बढ़ाकर 70 फीसदी कर दिया। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक इनमें से प्रत्येक क्षेत्र के लिए इस पर प्रति दिन 200 किलो की सीमा तय की गई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने राज्यों को लिखे एक पत्र में कहा, ‘फार्मा, खाद्य, पॉलिमर, कृषि, पैकेजिंग, पेंट, यूरेनियम, हेवी वाटर, स्टील, बीज, धातु, सिरेमिक, फाउंड्री, फोर्जिंग, ग्लास, एरोसोल आदि क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयों को भी मार्च 2026 से पहले की थोक गैर-घरेलू एलपीजी खपत स्तर का 70 प्रतिशत मिलेगा, जो कि समग्र क्षेत्रीय सीमा 200 किलो/प्रति दिन के अधीन होगा।’

इन क्षेत्रों की इकाइयों को सरकारी तेल विपणन कंपनियों के पास पंजीयन कराना होगा ताकि वे अतिरिक्त आवंटन की पात्रता हासिल कर सकें। इस बीच वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को भी पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के पास आवेदन करना होगा और पीएनजी को अपनाने के उपाय करने होंगे।

पत्र में आगे कहा गया, ‘बहरहाल अगर उपरोक्त उद्योग एलपीजी का इस्तेमाल विनिमाण प्रक्रिया के अहम हिस्से के कच्चे माल के रूप में करते हैं जिसे प्राकृतिक गैस से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता है तो पीएनजी संबंधी आवेदन की जरूरत को दरकिनार किया जा सकता है।’

पश्चिम एशिया संकट पर मीडिया को दी गई जानकारी में सरकार ने यह भी बताया कि उसने उर्वरक संयंत्रों के लिए प्राकृतिक गैस का कुल आवंटन पांच प्रतिशत बढ़ाकर इकाइयों की छह माह की औसत खपत का लगभग 95 प्रतिशत कर दिया है। देश के पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को राहत देते हुए सरकार ने प्रतिदिन 8 करोड़ टन प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल उत्पादन के लिए मोड़ने की अनुमति दी है।

अधिकारियों ने बताया कि कोयले की वहनीयता सुनिश्चित करने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड ने ई-नीलामी के तहत कोयले का आरक्षित मूल्य 20 प्रतिशत घटा दिया है और आपूर्ति को ई-नीलामी तथा राज्य नामित एजेंसी तंत्र दोनों के माध्यम से बढ़ाया है।

सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक कोल इंडिया लिमिटेड ने मार्च 2026 में ई-नीलामी की आवृत्ति भी बढ़ाई, जिसमें 3.25 करोड़ टन कोयला पेश किया गया, जिसमें से 1.33 करोड़ टन बुक किया गया। अप्रैल 2026 के लिए 30 ई-नीलामियों की योजना बनाई गई है, जिनमें 2.58 करोड़ टन की पेशकश की जाएगी, जिनमें से अब तक 32 लाख टन पेश किया गया और 12.4 लाख टन बुक किया गया है।

First Published : April 9, 2026 | 9:27 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)