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भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ा, सौर ऊर्जा में बनाया नया रिकॉर्ड

सौर ऊर्जा वृद्धि में भारत अब केवल चीन से पीछे, अमेरिका को छोड़ा पीछे

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नंदिनी केशरी   
Last Updated- June 04, 2026 | 8:12 AM IST

भारत ने अमेरिका को सालाना सौर क्षमता विस्तार में पछाड़ दिया है। नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को बताया कि भारत सौर ऊर्जा वृद्धि के मामले में दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार भारत ने बीते साल 37 गीगावाट क्षमता जोड़ी जबकि अमेरिका ने 34 गीगावाट क्षमता जोड़ी। सौर ऊर्जा क्षमता वृद्धि में भारत केवल चीन से पीछे है। चीन ने बीते वर्ष 315 गीगावाट क्षमता जोड़ी।

जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ‘सबसे तेजी से बढ़ते प्रमुख सौर बाजार के रूप में भारत मजबूत नीतिगत समर्थन, नवाचार और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के माध्यम से रिकॉर्ड क्षमता वृद्धि कर रहा है।’ भारत ने वर्ष 2023 में 9.6 गीगावाट और वर्ष 2024 में 25.4 गीगावाट क्षमता जोड़ी। हालांकि अमेरिका ने वर्ष 2023 में 27 गीगावाट और वर्ष 2024 में 37.7 गीगावाट सौर ऊर्जा वृद्धि हासिल की। हालांकि भारत अमेरिका से कुल स्थापित क्षमता के मामले में पीछे है। वर्ष 2025 के अंत तक अमेरिका में कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 211.6 गीगावाट थी, वहीं यह भारत में 135.5 गीगावाट थी।

भारत वैश्विक स्तर पर 2024 में सौर ऊर्जा का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक बन गया और भारत ने जापान को पीछे छोड़ दिया। जापान ने 2023 में अपनी सौर ऊर्जा क्षमता 87 गीगावाट से बढ़ाकर लगभग 90 गीगावाट कर ली। वहीं, भारत की क्षमता 2023 में 73 गीगावाट से बढ़कर 2024 में 98 गीगावाट से अधिक हो गई। भारत में पिछले एक दशक में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

भारत ने वर्ष 2022 में मात्र 50 गीगावाट स्थापित क्षमता को पार करने के बाद अगले तीन वर्षों में फिर 50 गीगावाट क्षमता जोड़ी, फिर जनवरी 2025 से मार्च 2026 तक के मात्र 14 महीनों में 50 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी। लिहाजा भारत ने अप्रैल 2026 तक 154 गीगावाट की क्षमता हासिल कर ली।

भारत की सौर ऊर्जा क्षमता में वित्त वर्ष 26 में 44.61 गीगावाट की वृद्धि हुई जबकि लक्ष्य 34 गीगावाट था। यह वित्त वर्ष 25 में स्थापित 23.83 गीगावाट के पिछले रिकॉर्ड का लगभग दोगुना था। भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। मौजूदा समय में कुल स्थापित क्षमता का आधा हिस्सा यानी 288 गीगावाट गैर-जीवाश्म स्रोतों से आता है। इसमें पवन ऊर्जा 56 गीगावाट, बड़े जलविद्युत संयंत्र 51 गीगावाट, परमाणु ऊर्जा 8.8 गीगावाट, जैव ऊर्जा 11 गीगावाट से अधिक और छोटे जलविद्युत संयंत्र 5 गीगावाट (इस वर्ष अप्रैल तक) शामिल हैं। आईआरईएनए के अनुसार नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता में भारत वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है। हालांकि वास्तविक बिजली उत्पादन में गैर-जीवाश्म स्रोतों का योगदान 30 प्रतिशत से भी कम है।

 

First Published : June 4, 2026 | 8:12 AM IST