उद्योग

भारत के 500 अरब डॉलर इलेक्ट्रॉनिक्स सपने पर चीन के फैसलों का असर?

चीन के नए नियमों से भारत की ‘चाइना प्लस वन’ रणनीति पर खतरा, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने सरकार से मांगी मदद

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सुरजीत दास गुप्ता   
Last Updated- May 26, 2026 | 8:33 AM IST

China Plus One Strategy: मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के संगठन ICEA ने सरकार से मांग की है कि चीन के नए नियमों से पैदा हुए खतरे से निपटने के लिए एक बड़ा अंतर-मंत्रालयी समूह बनाया जाए। संगठन का कहना है कि चीन के हालिया फैसलों से भारत की ‘चाइना प्लस वन’ रणनीति प्रभावित हो सकती है।

सरकार को लिखा गया पत्र

ICEA के चेयरमैन पंकज मोहिंदरू ने पिछले हफ्ते कैबिनेट सचिव को एक पत्र लिखा। इस पत्र की कॉपी बिजनेस स्टैंडर्ड ने देखी है। संगठन ने कहा कि चीन के दो नए नियम कंपनियों की सप्लाई चेन और कारोबार के फैसलों पर ज्यादा सरकारी नियंत्रण बढ़ाते हैं।

क्या हैं चीन के नए नियम?

चीन ने अप्रैल में दो नए नियम लागू किए हैं। इनमें कंपनियों के डेटा इस्तेमाल, सप्लाई चेन बदलने और कारोबार दूसरे देशों में शिफ्ट करने पर सख्त नियंत्रण शामिल हैं। इन नियमों के तहत अगर कोई चीनी कंपनी भारत में फैक्टरी लगाने या कारोबार शिफ्ट करने का फैसला करती है, तो उसके अधिकारियों पर व्यक्तिगत कार्रवाई भी हो सकती है।

‘China Plus One’ रणनीति क्या है?

कोरोना महामारी के बाद दुनियाभर की कंपनियां चीन पर निर्भरता कम करना चाहती हैं। इसी रणनीति को ‘चाइना प्लस वन’ कहा जाता है। इसके तहत कंपनियां चीन के अलावा भारत जैसे देशों में भी मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा रही हैं। भारत इस रणनीति का बड़ा फायदा उठाना चाहता है, खासकर मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में।

ICEA ने क्या चिंता जताई?

ICEA का कहना है कि चीन के नए नियम निवेश, सप्लाई चेन और भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने की रफ्तार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। संगठन ने सरकार से कहा है कि अलग-अलग मंत्रालय मिलकर इन नियमों के असर का अध्ययन करें और जरूरी नीति कदम उठाएं।

इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर भारत के लिए कितना अहम?

इलेक्ट्रॉनिक्स अब भारत का तीसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्ट सेक्टर बन चुका है। वित्त वर्ष 2026 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार 150 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि एक्सपोर्ट 28 अरब डॉलर रहने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है, जिसमें 200 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट शामिल होगा।

भारत से iPhone एक्सपोर्ट बढ़ा

भारत से सबसे ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट मोबाइल फोन का होता है। FY26 में मोबाइल फोन उत्पादन 70 अरब डॉलर और एक्सपोर्ट 29.4 अरब डॉलर रहा। इसमें सबसे बड़ा योगदान एप्पल का है। एप्पल ने FY26 में भारत से 21 अरब डॉलर से ज्यादा के iPhone एक्सपोर्ट किए, लेकिन इसके कई पुर्जों के लिए कंपनी अब भी चीन पर निर्भर है।

First Published : May 26, 2026 | 8:22 AM IST