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पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष का असर भारत की विनिर्माण क्षमताओं पर पड़ने लगा है। टिकाऊ उपभोक्ता सामान के निर्माता आपूर्ति की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। इस कारण उत्पादन में बाधा आ रही हैं। एलपीजी सिलिंडर की किल्लत ने हॉस्पिटैलिटी समेत कई उद्योगों के लिए समस्या खड़ी कर दी है और अब एयर कंडीशनर (एसी) निर्माताओं को परेशानी होने लगी है।
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के उपकरण व्यवसाय के प्रमुख और कार्यकारी उपाध्यक्ष कमल नंदी ने कहा, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण एयर कंडीशनर निर्माण में इस्तेमाल कुछ सामग्रियों की आपूर्ति में बाधाएं होने लगी हैं। वर्तमान में एलपीजी की आपूर्ति सीमित है, जिसका उपयोग ब्रेजिंग और पाउडर कोटिंग की क्योरिंग जैसी प्रक्रियाओं में किया जाता है। अन्य प्रमुख एसी निर्माताओं ने भी संकेत दिया है कि अगर आपूर्ति की किल्लत जारी रही तो उत्पादन प्रभावित होगा।
ब्लूस्टार के प्रबंध निदेशक बी त्यागराजन ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, हमारे पास अभी कुछ स्टॉक है। लेकिन अगर कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों पर पाबंदी जारी रही तो आने वाले कुछ दिनों में एसी के उत्पादन पर असर पड़ेगा। इसके अलावा, पॉलीप्रोपिलीन और पॉलिस्टरीन जैसे प्रमुख प्लास्टिक कच्चे माल की आपूर्ति सीमित हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप इनकी कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। ये रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और अन्य घरेलू उपकरणों के निर्माण के लिए मूलभूत तत्व हैं।
नंदी ने बताया, हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं, आपूर्तिकर्ताओं के साथ काम कर रहे हैं और व्यवधान को कम करने व गर्मी के पीक सीजन से पहले उत्पादन की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए खरीद रणनीतियों को बेहतर बना रहे हैं।
यह स्थिति टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन में व्यापक रूप से उपयोग होने वाली तांबा और एल्युमीनियम जैसी धातुओं की बढ़ती कीमतों के बीच उत्पन्न हुई है। पिछले कुछ महीनों में तांबे की कीमतों में करीब 25 फीसदी की वृद्धि हुई है। एल्युमीनियम की कीमतें भी सर्वकालिक उच्च स्तर पर हैं।
पिछले साल बारिश के जल्दी आने और मॉनसून के लंबे समय तक टिके रहने के कारण पूरा सीज़न बर्बाद हो गया था। लेकिन टिकाऊ उपभोक्ता वस्तु उद्योग को इस साल गर्मी जल्दी आने से अच्छी बिक्री की उम्मीद है। इस साल भीषण गर्मी भी बिक्री में बढ़ोतरी का मुख्य कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, वोल्टास ने कहा कि उसे इस सीजन में रूम एयर कंडीशनर (आरएसी) श्रेणी में 25 फीसदी की वृद्धि की उम्मीद है। हालांकि, मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव कंपनियों की योजनाओं में बाधा डाल सकता है।
पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया के एसी उत्पादन पर अभी तक कोई असर नहीं पड़ा है। लेकिन वह भी स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है। पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया के बिजनेस हेड और एसी ग्रुप के प्रोडक्ट चीफ अभिषेक वर्मा ने कहा, हम लड़ाई पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं और लंबे समय से हमारा उत्पादन सुचारू रूप से चल रहा है। इसलिए फिलहाल सब ठीक है।