प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
टाटा स्टील ने मंगलवार को बताया कि उसने वित्त वर्ष 26 के दौरान 2.348 करोड़ टन के साथ देश में अपना अब तक का ‘सबसे अच्छा’ सालाना कच्चा इस्पात उत्पादन दर्ज किया है। उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसका मुख्य कारण कलिंगनगर का विस्तार रहा। हालांकि जमशेदपुर में ‘जी’ ब्लास्ट फर्नेस को रीलाइनिंग के लिए बंद करने से इसमें आंशिक कमी आई। वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में कच्चे इस्पात का उत्पादन 62.5 लाख टन रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी ने कहा कि उत्पादन के अनुरूप ही भारत में आपूर्ति में भी वृद्धि हुई। इससे कंपनी ने 2.253 करोड़ टन की अब तक की सर्वश्रेष्ठ वार्षिक बिक्री दर्ज की। घरेलू आपूर्ति पहली बार दो करोड़ टन टन के पार निकली।
जहां तक यूरोपीय परिचालन की बात है, तो टाटा स्टील नीदरलैंड्स का वित्त वर्ष 26 में लिक्विड स्टील उत्पादन 67 लाख टन और आपूर्ति 61 लाख टन रही। वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के दौरान आपूर्ति पिछली तिमाही की तुलना में 21 प्रतिशत बढ़कर 17 लाख टन हो गई। साल के दौरान टाटा स्टील यूके की आपूर्ति 22 लाख टन रही।
कंपनी ने कहा कि बाजार की धीमी गतिविधियों के कारण यह पिछले वर्ष की तुलना में कम रही। टाटा स्टील यूके खरीदे गए सबस्ट्रेट की डाउनस्ट्रीम प्रोसेसिंग के जरिये अपने ग्राहकों को सेवा दे रही है। कंपनी ने कहा कि पोर्ट टालबोट में 30 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता वाली इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस लगाने का काम चल रहा है।
वित्त वर्ष 26 में टाटा स्टील थाईलैंड का बिक्री योग्य इस्पात उत्पादन 13.3 लाख टन रहा और आपूर्ति 13.2 लाख टन। आपूर्ति में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।