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होटल इंडस्ट्री का फोकस बदला, अब मेट्रो नहीं, मंझोले शहरों में निवेश की बारी; अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार

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राज्य और केंद्र सरकार भी इन औद्योगिक केंद्रों में और आसपास बुनियादी ढांचे के निर्माण को बढ़ावा दे रही है।

Last Updated- April 06, 2025 | 10:11 PM IST
Hotel
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Pixabay

भारत के औद्योगिक शहरों में प्रमुख होटल ब्रांड अपनी संपत्तियां खड़ी करने जा रहे हैं। श्रीपेरंबुदूर, भिवाड़ी, नाशिक और धोलेरा जैसे इन छोटे बाजारों में थाईलैंड का डुसिट समूह, सरोवर होटल्स और ट्रीबो हॉस्पिटैलिटी अपनी उपस्थिति की योजना बना रहे हैं। उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि अब जबकि अमेरिकी शुल्कों के बाद चीन के मुकाबले भारत संभावित वैकल्पिक विनिर्माण केंद्र बनने की अपनी महत्त्वांकाक्षा मजबूत कर रहा है तो ये औद्योगिक शहर न केवल अधिक संख्या में लोगों को रोजगार मुहैया कराएंगे बल्कि संपन्न भारतीय लोगों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय वर्ग को भी आकर्षित करेंगे।

सरोवर होटल्स के मुख्य कार्य अधिकारी जतिन खन्ना ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘हम श्रीपेरंबुदूर में सरोवर पोर्टिको बना रहे हैं। यह एक औद्योगिक केंद्र है और छोटा बाजार है जहां अभी सिर्फ एक होटल है मगर वहां इतनी ज्यादा मांग है कि हम अपना खुद का होटल बना रहे हैं और अगले 90 दिनों के भीतर इसे शुरू कर देंगे।’

मैरियट इंटरनैशनल ने हाल ही में धोलेरा में एक पांच सितारा होटल बनाने के लिए स्मार्टहोम्स इन्फ्रास्ट्रक्टर के साथ साझेदारी की है। आने वाले समय में धोलेरा भारत का सेमीकंडक्टर केंद्र बनने जा रहा है। यही कारण है कि स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय होटल श्रृंखलाएं यहां अपना कारोबार शुरू करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं। 200 कमरों वाला यह होटल उसके कोर्टयार्ड ब्रांड का होगा और प्रस्तावित धोलेरा हवाई अड्डा के पास बनेगा।

राज्य और केंद्र सरकार भी इन औद्योगिक केंद्रों में और आसपास बुनियादी ढांचे के निर्माण को बढ़ावा दे रही है। केंद्र सरकार ने देश भर में 12 नए औद्योगिक गलियारों की पहचान की है, जिससे सेवा उद्योग को भी यहां निवेश करने भरोसा बढ़ रहा है। इन गलियारों में धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र शामिल है जो 28,600 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास योजना के तहत दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (डीएमआईसी) का हिस्सा है। इससे औद्योगिक शहरों को अंतरराष्ट्रीय मानक के नए स्मार्ट शहरों के तौर पर बनाने में मदद मिलेगी जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को आकर्षित करेंगे।

थाईलैंड के डुसिट होटल्स ऐंड रिसॉर्ट्स ने भी अपनी वृद्धि के लिए मझोले और छोटे शहरों के बाजारों को चिह्नित किया है। अपनी विस्तार परियोजनाओं के हिस्से के तौर पर डुसिट समूह ने कम सेवा पहुंच वाले स्थानों पर जाने की योजना बनाई है और देश भर में छह अतिरिक्त होटल शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इनमें रायपुर और हरियाणा के भिवाड़ी जैसे शहरों की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए उसका अपर मिड-स्केल ब्रांड दुसिट प्रिंसेस भी शामिल है।

डुसिट इंटरनैशनल की प्रमुख (भारत) दीपिका अरोड़ा ने कहा, ‘मेरा मानना है कि भिवाड़ी जैसी जगहों पर वृद्धि की काफी संभावनाएं हैं। यह उपेक्षित बाजार रहा है जहां ब्रांडेड होटलों की कमी है। इस कारण लोगों और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को गुरुग्राम में रहना पड़ता है और उनको औद्योगिक केंद्र तक पहुंचने के लिए दो घंटे लग जाते हैं।’

किफायती ब्रांड ट्रीबो और हाल में शुरू किए गए मध्यम श्रेणी के ब्रांड मेडेलियन की मूल कंपनी ट्रीबो हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स (टीएचवी) और ने भी विस्तार के लिए छोटे औद्योगिक शहरों की पहचान की है। ट्रीबो हॉस्पिटैलिटी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्य अधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता ने हाल में बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में कहा था, ‘वृद्धि के मोर्चे पर हम अभी सिर्फ शुरुआत कर रहे हैं। इकॉनमी श्रेणी में करीब 1,00,000  होटल हैं मगर वे असंगठित हैं। अगले दशक में हमारा लक्ष्य इस बाजार में 2 से 3 फीसदी की हिस्सेदारी हासिल करने का है। मझोले स्तर पर फिलहाल बहुत भीड़ नहीं है और हम इसमें भी बड़ी हिस्सेदारी हासिल करना चाहते हैं।’

800 से अधिक होटलों और 16,000 से अधिक कमरों के साथ ट्रीबो के पोर्टफोलियो का 30 फीसदी हिस्सा छोटे शहरों में है। कंपनी ने आने वाले वर्षों में मध्यम स्तर के 500 से 700 होटल खोलने की योजना बनाई है।

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First Published - April 6, 2025 | 10:11 PM IST

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