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‘बंगाल में उद्योगों के लिए बिछेगा रेड कार्पेट’, बोले सामिक भट्टाचार्य: नई भूमि नीति और SEZ पर बड़ा प्लान तैयार

बंगाल में औद्योगिक क्रांति के लिए भाजपा नई भूमि नीति लाएगी। भट्टाचार्य ने कहा कि लैंड सीलिंग व सेज नियमों में बदलाव कर निवेशकों को सुरक्षित माहौल देने का वादा किया गया है

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ईशिता आयान दत्त   
Last Updated- May 12, 2026 | 10:19 PM IST

पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ अपनी पहली बातचीत में कहा कि सरकार एक नई भूमि नीति लाएगी। उद्योग-अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। कंपनियां बिना डरे यहां निवेश करें।

भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि वह सरकार का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन उन्होंने उद्योगों के लिए एक खाका पेश किया, जिसमें भूमि नीति में बदलाव, अर्बन लैंड सीलिंग कानून पर पुनर्विचार और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) के प्रति राज्य के रुख में बदलाव लाने की ओर इशारा किया। इस नीति में आधुनिक कृषि, किसानों की आय बढ़ाने, सहकारी आंदोलन को बढ़ावा देने, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की अनुमति देने तथा छोटे स्तर विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) को शुरू करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

द बंगाल नैशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री के 139वें वार्षिक आम सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘बड़े उद्योगों को पश्चिम बंगाल में निवेश के लिए आना चाहिए। अन्यथा कोई भविष्य नहीं है।’

वाम मोर्चा सरकार की भूमि सुधार पहल ऑपरेशन बर्गा का जिक्र करते हुए भट्टाचार्य ने कहा, ‘इस राज्य में भूमि सुधार हुए हैं। राज्य में लगभग 82 प्रतिशत भूमि छोटे किसानों के पास है। सरकारी हस्तक्षेप या भूमि नीति के बिना यहां औद्योगिक विकास संभव नहीं होगा।’ उन्होंने उद्योग जगत को आश्वासन दिया कि भविष्य में यदि कोई कारखाना बनाना चाहता है तो उनसे किसी भी राजनीतिक दल का कार्यकर्ता पैसे नहीं मांगेगा। भूमि अ​धिग्रहण से संबंधित कोई अड़चन पेश नहीं आएगी। हम राज्य में एक नई भूमि नीति लाएंगे।’

पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र का हवाला देते हुए भट्टाचार्य ने कहा, ‘जिस मॉडल ने सफलता पाई, वह यह था कि यदि 1,000 एकड़ भूमि की आवश्यकता है तो 1,100 एकड़ का अधिग्रहण करें और इस भूमि का विकास करने के बाद इसमें से 100 एकड़ उन किसानों को वापस लौटा दें, जिनके खेत अ​धिग्रहीत हुए हैं।’ भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी ने लोगों से न केवल कृषि और उद्योग के बीच सह-अस्तित्व का वादा किया है, बल्कि उद्योगों में किसानों की साझेदारी का भरोसा भी दिया है।

भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि राज्य में कोई कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग व्यवस्था नहीं है। लैंड सीलिंग लॉ एक बड़ी बाधा थी, इसलिए हम इन बाधाओं को हटाने पर विचार कर रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकार में पार्टी और सरकार के बीच की जो रेखा गायब हो गई थी, हम उसे पुन: बहाल और मजबूत करना चाहते हैं।’

First Published : May 12, 2026 | 10:06 PM IST