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Infosys Q4 नतीजे मजबूत, मुनाफा 21% बढ़ा; FY27 ग्रोथ अनुमान में नरमी

इन्फोसिस ने उम्मीद जताई कि वित्त वर्ष 2026-27 में उसकी आय वृद्धि स्थिर मुद्रा में 1.5 से 3.5 फीसदी के बीच रह सकती है

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अविक दास   
Last Updated- April 23, 2026 | 10:53 PM IST

देश की प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 8,501 करोड़ रुपये रहा जो वित्त वर्ष 2025 की समान तिमाही की तुलना में 21 फीसदी अ​धिक है। इस दौरान कंपनी की आय 13.4 फीसदी बढ़कर 46,402 करोड़ रुपये रही। लाइफ साइंसेज और कम्युनिकेशंस खंड के अच्छे प्रदर्शन की बदौलत कंपनी की आय में वृद्धि हुई है।

कंपनी की आय और मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा। ब्लूमबर्ग ने 46,135 करोड़ रुपये आय और 7,495 करोड़ रुपये शुद्ध मुनाफे का अनुमान लगाया था।
इन्फोसिस ने उम्मीद जताई कि वित्त वर्ष 2026-27 में उसकी आय वृद्धि स्थिर मुद्रा में 1.5 से 3.5 फीसदी के बीच रह सकती है। यह पिछले साल के 3 से 3.5 फीसदी के अनुमान से कम है। आय वृद्धि में इस कमजोर अनुमान के चलते अमेरिका में प्री-मार्केट सत्र में इन्फो​सिस के एडीआर में लगभग 5.64 फीसदी की गिरावट देखी गई।

हालांकि यह सतर्क अनुमान है लेकिन इन्फोसिस के मुख्य कार्या​धिकारी और प्रबंध निदेशक सलिल पारेख ने स्पष्ट किया कि इसमें कुछ अधिग्रहीत कंपनियों की आय शामिल नहीं है क्योंकि कंपनी को अभी तक उनके लिए मंजूरी नहीं मिली है। मुद्रा के उतार-चढ़ाव का असर जिस पर कंपनी का नियंत्रण नहीं होता है, उसे नजरअंदाज करें तो स्थिर मुद्रा आधार पर इन्फोसिस की आय 4.1 फीसदी बढ़ी। यह देश की शीर्ष 5 आईटी सेवा कंपनियों में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है।

एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा ने 2.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। पूरे वर्ष के लिए इन्फोसिस की आय 3.1 फीसदी बढ़ी जो एचसीएल टेक की 3.9 फीसदी वृद्धि से कम है।

पारेख ने कहा, ‘चालू वित्त वर्ष में हमें वित्तीय सेवाओं के कारोबार के साथ-साथ ऊर्जा एवं यूटिलिटी सेवाओं में भी वृद्धि की गति तेज होती दिख रही है।’ उन्होंने आगे कहा कि पिछली तिमाही के दौरान असामान्य रूप से कुछ भी नहीं बदला है।

एचसीएल टेक और विप्रो जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में इन्फोसिस का रुख थोड़ा बदला दिख रहा है। एचसीएल टेक और विप्रो आदि ने ग्राहकों द्वारा खर्च कम करने और क्षेत्र विशेष में नरमी के प्रति आगाह किया है जबकि इन्फोसिस ने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की।

वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इन्फोसिस के बड़े सौदों का कुल अनुबंध मूल्य (टीसीवी) 3.2 अरब डॉलर रहा। तीसरी तिमाही में यह 4.8 अरब डॉलर था।
इन्फोसिस ने कहा, ‘मजबूत बाजारों में अच्छी वृद्धि दिख रही है। युद्ध की वजह से आर्थिक माहौल में बदलाव आया है लेकिन उम्मीद है कि हालात स्थिर हो जाएंगे। कुछ अर्थव्यवस्थाओं में आतंरिक मजबूती भी अच्छी रही है।’

यह बात उत्तरी अमेरिका और यूरोप में कारोबार वृद्धि में स्पष्ट तौर पर दिखाई देती है जहां पिछले साल के मुकाबले स्थिर मुद्रा दर पर इन्फोसिस की आय 4.1 फीसदी बढ़ी है। लाइफ साइंसेज खंड में 11.6 फीसदी और कम्युनिकेशन कारोबार में 9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

इन्फोसिस एआई सेवाओं के विकास पर भी दांव लगा रही है क्योंकि ग्राहक पारंपरिक प्रौद्योगिकी पर खर्च कम कर रहे हैं और कार्यक्षमता बढ़ाने तथा लागत कम करने के लिए एआई पर खर्च बढ़ा रहे हैं। कंपनी एआई प्रथम सेवाओं की नई मांग को पूरा करना चाहती है। नैसकॉम और मैकिंजी ने इस क्षेत्र में 400 अरब डॉलर का अवसर बताया है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इन्फोसिस का परिचालन मार्जिन 20.9 फीसदी रहा। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी जयेश संघराजका ने कहा, ‘प्रोजेक्ट मैक्सिमस से हुई बचत की वजह से हम प्रतिभा, एआई और सेल्स तथा मार्केटिंग जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश कर पाए।’

मार्जिन 20 से 22 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है। पिछले वित्त वर्ष के अंत में इन्फोसिस के कुल कर्मचारियों की संख्या 3,28,594 थी और जिसमें 12 महीनों में 5,016 नए कर्मचारी जोड़े गए थे। हालांकि चौथी तिमाही में कर्मचारियों की संख्या में 8,440 की कमी आई और कर्मचारियों की कंपनी छोड़ने की दर 12.6 फीसदी रही।संघराजका ने कहा कि कंपनी ने सालाना वेतन वृद्धि की मात्रा या समय के बारे में अभी कोई फैसला नहीं किया है। हालांकि उन्होंने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2027 में 20,000 फ्रेशरों की भर्ती करेगी, जो कमोबेश पिछले वित्त वर्ष की तरह ही है।

First Published : April 23, 2026 | 10:49 PM IST