facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अब इनवेस्टर्स को नियम और शर्तों का लेकर नहीं होगी कंफ्यूजन, SEBI ने ब्रोकर्स को दिया ये आदेश

Advertisement

सेबी के अनुसार, ब्रोकर और क्लाइंट रिलेशनशिप की अहम शर्तों पर क्लाइंट की सहमति होना जरूरी है।

Last Updated- November 14, 2023 | 12:31 PM IST
SEBI
Representative Image

इन्वेस्टर्स के फायदे के लिए एक जरूरी खबर। पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने सोमवार को ब्रोकरों को महत्वपूर्ण नियम एवं शर्तों के बारे में अपने ग्राहकों को बताने को कहा है। इस पहल का मकसद है कस्टमर्स को आसानी से चीजें को समझाया जा सके।

सेबी ने एक नोटिस में कहा कि शेयर बाजारों के अंतर्गत ब्रोकर्स इंडस्ट्री स्टैन्डर्ड फोरम (ISF) सेबी की सलाह से सबसे महत्वपूर्ण नियम और शर्तें के क्रियान्वयन के लिए फॉर्म, संचार की प्रकृति, दस्तावेज का रूप और विस्तृत मानक एक जनवरी, 2024 तक प्रकाशित करेगा।

जानें नए नियम के बारे में:

SEBI के अनुसार, ब्रोकर और क्लाइंट रिलेशनशिप की अहम शर्तों पर क्लाइंट की सहमति होना जरूरी है। इन्वेस्टर्स को सभी शर्तें ठीक से समझ में आनी चाहिए। बाजार नियामक के एक सर्कुलर में कहा गया है कि स्टॉक ब्रोकरों को अपने ग्राहकों को सेवा के नियमों और शर्तों (terms and conditions) का एक आसान रूप देना होगा।

यह भी पढ़ें : IPO में करना चाहते हैं निवेश तो खुशखबरी! आ रहे हैं Fedfina, IREDA समेत इन कंपनियों को आईपीओ

नए नियम के अनुसार, 1 अप्रैल से जरूरी शर्तों पर क्लाइंट की परमिशन लेना अनिवार्य होगा। वहीं, मौजूदा क्लाइंट्स को ब्रोकर्स 1 जून तक जरूरी शर्तों के जानकारी देंगे। ब्रोकर्स इंडस्ट्री फोरम 1 जनवरी या उससे पहले सभी अहम बातों को पब्लिश करेगा।

अगर आईएसएफ दस्तावेज को पूर्ण या आंशिक रूप से प्रकाशित करने में असमर्थ है, तो सेबी अपने विवेक पर उसी के संबंध में मानक प्रकाशित करेगा। नए ग्राहकों को शामिल करने के मामले में बाजार प्रतिभागियों के कार्यान्वयन और अनुपालन की तारीख 1 अप्रैल होगी। मौजूदा ग्राहकों के लिए एमआईटीसी एक जून तक ग्राहकों को ई-मेल या किसी अन्य उपयुक्त माध्यम से सूचित करेगा।

Advertisement
First Published - November 14, 2023 | 12:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement