प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने साल 2026 की पहली तिमाही के शानदार नतीजे जारी कर दिए हैं। इन नतीजों ने न केवल बाजार के जानकारों को हैरान कर दिया है, बल्कि निवेशकों के बीच यह भरोसा भी जगा दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर कंपनी द्वारा किया जा रहा भारी-भरकम निवेश अब रंग लाने लगा है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू (पार्टनर पेआउट्स को छोड़कर) 94.7 अरब डॉलर रहा, जो विश्लेषकों के 91.6 अरब डॉलर के अनुमान से कहीं ज्यादा है। मुनाफे के मामले में भी कंपनी ने बाजी मारी है और 5.11 डॉलर प्रति शेयर की कमाई दर्ज की है, जो बाजार की उम्मीदों से लगभग दोगुनी है।
इन दमदार नतीजों का असर शेयर बाजार पर भी साफ दिखा। न्यूयॉर्क में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान अल्फाबेट के शेयरों में 7.6% का बड़ा उछाल देखा गया और यह 376.35 डॉलर के स्तर पर पहुंच गए। इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में करीब 12% की तेजी आ चुकी है।
कुछ समय से निवेशकों को डर था कि चैटबॉट्स और AI टूल्स के बढ़ते दौर में गूगल का सर्च बिजनेस कमजोर पड़ सकता है। लेकिन कंपनी के ताजा नतीजों ने इन आशंकाओं को काफी हद तक दूर कर दिया है। गूगल के CEO सुंदर पिचई ने बताया कि सर्च में AI फीचर्स जोड़ने के बाद लोगों की सर्चिंग पहले से ज्यादा बढ़ गई है और सर्च क्वेरीज रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। उनका कहना है कि AI ने गूगल सर्च को नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि उसे पहले से ज्यादा मजबूत बना दिया है।
कंपनी का क्लाउड बिजनेस भी तेजी से बढ़ रहा है और अच्छा मुनाफा कमा रहा है। इस यूनिट की बिक्री 20 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जबकि बाजार को करीब 18.4 अरब डॉलर का अनुमान था। इस बढ़त की बड़ी वजह AI सॉफ्टवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग मानी जा रही है। कंपनी के अनुसार, उसके पास जो पहले से तय काम का ऑर्डर बुक (बैकलॉग) है, वह पिछली तिमाही के मुकाबले लगभग दोगुना होकर 460 अरब डॉलर से भी ज्यादा हो गया है। हालांकि, CEO सुंदर पिचई ने यह भी कहा कि फिलहाल मांग इतनी ज्यादा है कि उसे पूरा करने के लिए कंपनी के पास कंप्यूटिंग क्षमता थोड़ी कम पड़ रही है, इसलिए इस दिशा में निवेश बढ़ाया जा रहा है।
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ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अल्फाबेट ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अपने निवेश का बजट भी बढ़ा दिया है। कंपनी ने इस साल कैपिटल एक्सपेंडिचर का अनुमान 185 अरब डॉलर से बढ़ाकर 190 अरब डॉलर कर दिया है। यह रकम 2025 में किए गए निवेश से लगभग दोगुनी है। कंपनी की CFO अनात अशकेनाज़ी ने भी संकेत दिए हैं कि 2027 में यह खर्च और बढ़ सकता है। कंपनी का मानना है कि AI के बड़े मौके का फायदा उठाने के लिए इतना निवेश करना जरूरी है।
इसके साथ ही गूगल अब अपने खुद के बनाए हुए ‘टेन्सर प्रोसेसिंग यूनिट्स’ (TPU) को भी ग्राहकों को उपलब्ध कराएगी, ताकि वे इन्हें अपने डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल कर सकें। इसे एनवीडिया जैसी कंपनियों के मुकाबले एक कदम माना जा रहा है। AI के काम के लिए जरूरी कंप्यूटिंग पावर की कमी को देखते हुए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।
गूगल की जेमिनी चैटबॉट सेवा भी तेजी से बढ़ रही है। 2025 के अंत तक जेमिनी के 750 मिलियन यूजर्स हो चुके थे। वहीं ‘जेमिनी एंटरप्राइज’ प्लेटफॉर्म के पेड यूजर्स में पिछली तिमाही के मुकाबले 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इसके साथ ही एंथ्रोपिक ने कहा है कि गूगल इस AI स्टार्टअप में करीब 40 अरब डॉलर तक निवेश कर सकता है, ताकि अपनी पकड़ और मजबूत कर सके। हालांकि, कोडिंग के क्षेत्र में एंथ्रोपिक का ‘Claude Code’ फिलहाल गूगल के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
निवेशकों को राहत देने के लिए कंपनी ने अपने डिविडेंड में भी 5% की बढ़ोतरी की है। अब यह बढ़कर 22 सेंट प्रति तिमाही हो गया है।