टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का मानना है कि अगले तीन साल में कंपनी में जितने कर्मचारी होंगे, उतने ही आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) एजेंट भी होंगे। 31वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) में उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी अब उतनी भर्तियां नहीं करेगी जितनी पिछले वर्षों में करती रही है।
उन्होंने कहा, ‘अगर कंपनी में पांच लाख कर्मचारी हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब कंपनी के पास पांच लाख एआई एजेंट होंगे।’उन्होंने कहा, ‘सवाल यह होगा कि एजेंट क्या-क्या कर सकते हैं और वे काम एजेंटों द्वारा ही किए जाएंगे। कंपनी के कर्मचारी और एआई एजेंट मिलकर काम करेंगे और यही भविष्य होगा।’
उन्होंने संकेत दिया कि एआई-आधारित ऑटोमेशन के कारण पिछले वर्षों की तुलना में नई भर्तियां कम होंगी, हालांकि एआई अर्थव्यवस्था में नए मौके बन रहे हैं। चंद्रशेखरन ने पहली बार माना कि कंपनी पिछले वर्षों की तुलना में कम लोगों को नौकरी पर रखेगी। उन्होंने कहा, ‘कंपनी और उद्योग में शायद उतने लोगों की भर्ती न हो, क्योंकि काम का कुछ खास हिस्सा अब एआई एजेंट करेंगे।’
यह बात उद्योग और कंपनी की नियुक्तियों के तरीकों से पहले ही स्पष्ट हो चुकी है। हालांकि उद्योग में भर्तियां हो रही हैं, लेकिन कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी की रफ्तार धीमी पड़ रही है, जिससे इस क्षेत्र में ‘सीधा रुझान नहीं नजर आता है। इस वित्त वर्ष में उद्योग में कुल 1,35,000 नई भर्तियां होंगी, जो वित्त वर्ष 2026 से 2.3 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी है।
टीसीएस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए फ्रेशर्स की भर्ती का लक्ष्य 25,000 रखा है। हालांकि कंपनी आने वाली तिमाहियों में इस संख्या को बढ़ा सकती है, लेकिन वित्त वर्ष 2020 के बाद से फ्रेशरों को दिए गए ऑफर के मामले में यह सबसे कम आंकड़ों में से एक है। लेकिन चंद्रशेखर ने कहा कि भर्ती पर इसका असर सिर्फ बदलाव के दौर तक ही रहेगा।
कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि एआई, टीसीएस के इतिहास में वृद्धि का सबसे बड़ा मौका है और कंपनी इस मौके का फायदा उठाने के लिए एआई प्रतिभा, प्रोप्राइटरी परिसंपत्तियों, एआई ऑपरेटिंग सिस्टम और इन्फ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है।