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‘अब सिर्फ ट्रायल नहीं, कंपनियों के कामकाज का मुख्य हिस्सा बना AI’, TCS चेयरमैन ने किया दावा

TCS के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का मानना है कि आने वाले दिनों में इन्वेस्ट करने, सामान की सप्लाई चेन संभालने, खतरों को भांपने के तरीके को AI पूरी तरह से बदल कर रख देगा

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- May 16, 2026 | 3:10 PM IST

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कंपनी की साल 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ तकनीक की एक परत नहीं रह गई है, बल्कि यह दुनिया भर की कंपनियों के काम करने का मुख्य आधार और बुनियादी ढांचा बनती जा रही है।

कंपनी ने अपने खास ‘ह्यूमन+AI’ ऑपरेटिंग मॉडल को बड़े पैमाने पर लागू किया है। इससे TCS को AI सेवाओं से सालाना 2.3 अरब डॉलर की तगड़ी कमाई हुई है। वहीं, क्लाउड, डेटा और साइबर सिक्योरिटी जैसी नई तकनीक वाली सेवाओं से कंपनी ने 11.5 अरब डॉलर का राजस्व हासिल किया है।

चंद्रशेखरन का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के पैसा लगाने (इन्वेस्ट करने), सामान की सप्लाई चेन संभालने, खतरों को भांपने और ग्राहकों को सर्विस देने के तरीके को AI पूरी तरह से बदल कर रख देगा। अब कंपनियां सिर्फ AI का ट्रायल या एक्सपेरिमेंट नहीं कर रही हैं, बल्कि वे इससे आगे बढ़कर इसे सीधे अपने सबसे जरूरी और मुख्य कामकाज में शामिल कर रही हैं।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्यूचर प्लान

भविष्य को लेकर TCS का प्लान बिल्कुल साफ है। कंपनी एक ऐसा सुरक्षित और मजबूत AI ढांचा तैयार करना चाहती है, जिस पर पूरा भरोसा किया जा सके। उनका सबसे ज्यादा जोर एक ऐसा ‘AI ऑपरेटिंग सिस्टम’ बनाने पर है, जिसे अलग-अलग बिजनेस और इंडस्ट्रीज अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर सकें। इससे AI से जुड़े काम करने वाले टूल्स (एजेंटिक AI सॉल्यूशंस) को कंपनियों में तेजी से लागू करना काफी आसान हो जाएगा।

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इसके अलावा, TCS भारत का पहला AI-फोकस्ड डेटा सेंटर बनाने की तैयारी में है, जिसकी रैक डेंसिटी 160 किलोवाट (KW) से ज्यादा होगी। कंपनी हाइपरस्केलर्स, फ्रंटियर AI फर्मों और इंडस्ट्रियल OEM के साथ मिलकर अपनी ‘इंफ्रास्ट्रक्चर टू इंटेलिजेंस’ सेवाओं को और मजबूत कर रही है। वैश्विक स्तर पर बिजली, कंप्यूट और भौगोलिक सीमाओं की चुनौतियों के बीच भारत AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़े रणनीतिक विकल्प के रूप में उभर रहा है।

शानदार रहे तिमाही और सालाना नतीजे

वित्तीय नतीजों की बात करें तो मार्च तिमाही में TCS का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) 12.22 फीसदी बढ़कर 13,718 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जिसमें बढ़े हुए प्रॉफिट मार्जिन का अहम योगदान रहा। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा (पैट) 1.35 फीसदी की बढ़त के साथ 49,210 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 48,553 करोड़ रुपये था।

इसके साथ ही, पिछली दो तिमाहियों से कर्मचारियों की संख्या में आ रही गिरावट थम गई है। मार्च तिमाही में कंपनी ने 2,356 नए कर्मचारी जोड़े, जिससे 31 मार्च 2026 तक TCS के कुल कर्मचारियों की संख्या 5,84,519 हो गई। कंपनी ने इस तिमाही में 12 अरब डॉलर के नए सौदे भी हासिल किए। इनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी उत्तरी अमेरिका (5.4 अरब डॉलर) और बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं व बीमा क्षेत्र (2.8 अरब डॉलर) की रही।

First Published : May 16, 2026 | 3:08 PM IST