facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

इंडोनेशिया में 1,200 करोड़ रुपये निवेश करेगी जिंदल स्टेनलेस, बढ़ेगी निकल की उपलब्धता

Advertisement
Last Updated- March 28, 2023 | 9:39 PM IST
Jindal Stainless to invest Rs 1200 crore in Indonesian nickel smelter project

निकल की उपलब्धता लंबे समय तक सुनिश्चित करने के लिए भारत की सबसे बड़ी स्टील वि​निर्माण कंपनी जिंदल स्टेनलेस ने न्यू येकिंग पीटीई संग करार किया है। यह कंपनी सिंगापुर की इटरनल शिंगसन का हिस्सा है। यह करार इंडोनेशिया में निकल पिग आयरन स्मेल्टर संयंत्र लगाने के लिए हुआ है।

करार के तहत जिंदल स्टेनलेस और न्यू येकिंग पीटीई, निकल पिग आयरन स्मेल्टर संयंत्र के विकास, निर्माण व परिचालन के लिए संयुक्त उद्यम बनाएंगे। इसमें जिंदल 1,200-1,300 करोड़ रुपये निवेश करेगी, जिसके जरिये उसे संयुक्त उद्यम में 49 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी जबकि बाकी न्यू येकिंग के पास रहेगी।

वैश्विक स्तर ​पर निकल का भंडार पाने के लिए यह किसी भारतीय कंपनी की पहली रणनीतिक साझेदारी है क्योंकि निकल अयस्क की भारत में कमी है। कंपनी ने यह जानकारी दी। यह परियोजना हल्माहेरा द्व‍ीप, इंडोनेशिया के इंडस्ट्रियल पार्क में होगी।

इस पर विस्तार से जानकारी देते हुए जिंदल स्टेनलेस के प्रबंध निदेशक (MD) अभ्युदय जिंदल ने कहा, यह कदम कच्चे माल की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। हमारे उद्योग के लिए निकल अहम कच्चा माल है और हमने महसूस किया कि इसमें निवेश का मतलब बनता है और अब हम 30 लाख टन वाली कंपनी हैं।

जिंदल ने कहा कि इसके निर्माण में करीब दो साल लगेंगे। हमें वित्त वर्ष 25 तक इसके परिचालन में आने की उम्मीद है।

जिंदल स्टेनलेस की तरफ से दो साल में निवेश किया जाएगा। वित्त वर्ष 24 में 700-750 करोड़ रुपये ​और वित्त वर्ष 25 में 500-550 करोड़ रुपये। इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता 2 लाख टन होगी और यह जिंदल स्टेनलेस की एनपीआई जरूरतें पूरी करेगी।

Advertisement
First Published - March 28, 2023 | 9:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement