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पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद जिंदल स्टील लिमिटेड ने ओडिशा में अपने अंगुल इंटीग्रेटेड स्टील कॉम्प्लेक्स में बड़ा क्षमता विस्तार पूरा कर लिया है और इसे दोगुना कर 1.2 करोड़ टन सालाना कर दिया है। इससे देसी विनिर्माण क्षमता को बढ़ावा मिलेगा और अहम क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता घटेगी।
30 लाख वार्षिक क्षमता वाले तीसरी बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (बीओएफ-3) के चालू होने के साथ जिंदल स्टील ने सात वर्षों के भीतर अंगुल परिसर में अपनी महत्वाकांक्षी 60 लाख टन प्रति वर्ष वाली विस्तार परियोजना पूरी कर ली है। कंपनी ने बयान में कहा, ‘इस संयंत्र की कच्चे स्टील की कुल क्षमता 60 लाख टन प्रति वर्ष की तुलना में दोगुनी होकर 1.2 करोड़ टन सालाना हो गई है। इससे यह भारत की सबसे बड़ी एक ही स्थान वाली एकीकृत स्टील विनिर्माण इकाइयों में शामिल हो गई है।’
इस विस्तार में बीओएफ-2 और बीओएफ-3 का पूर्ण संचालन के साथ-साथ ही कोक ओवन इकाई, सिंटर संयंत्र और कोल्ड रोलिंग मिल (सीआरएम) परिसर जैसे अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम बुनियादी ढांचे का व्यापक संवर्धन शामिल है। क्षमता विस्तार से संचालन के निर्बाध एकीकरण, बेहतर दक्षता और उत्पादन में तेजी से वृद्धि की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि 60 लाख टन प्रति वर्ष से 1.2 करोड़ टन प्रति वर्ष तक यह क्षमता वृद्धि 30,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से की गई है।