आईटी सेक्टर में एक ओर छंटनी का दौर चल रहा है तो वहीं कहीं नौकरियों की संख्या कम हो रही है। हाल ही में विप्रो ने अपने तिमाही नतीजे जारी किए, इसमें सामने आया है कि आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो के कर्मचारियों की संख्या मार्च तिमाही में 6,180 घट गई।
आंकड़ों पर नजर डालें तो यह लगातार छठवीं तिमाही है, जब विप्रो के कर्मचारियों की संख्या में गिरावट देखी गई है। ये ऐसा समय जब है जब इस सेक्टर की कंपनियां कर्मचारियों के यूटिलाइजेशन को बेहतर बनाने और एट्रिशन रेट को कम करने पर फोकस कर रही हैं। विप्रो का एट्रिशन रेट तिमाही आधार पर 14.2 फीसदी के सपाट रहा। बता दें कि कर्मचारियों के खुद से नौकरी छोड़ने यानी रिजाइन करने की दर को एट्रिशन रेट कहते हैं।
TCS-Infosys में भी रहा यही दौर
इससे पहले इंफोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसी दूसरी बड़ी आईटी कंपनियों में यही दौर देखने को मिला था। TCS की बात करें तो यहां भी कर्मचारियों की संख्या में वित्त वर्ष 2024 में कमी आई थी, कंपनी के 13,249 कर्मचारी घटे थे।
वहीं इंफोसिस के कर्मचारियों की संख्या में 25,994 की गिरावट आई। ये साल विप्रो के लिए चुनौती भरा रहा है। साल 2023 में कंपनी के टॉप मैनेजमेंट के करीब 10 फीसदी से अधिक कर्मचारियों ने नौकरियां छोड़ीं। इसमें कंपनी के चीफ ग्रोथ ऑफिसर स्टेफनी ट्रौटमैन, चीफ फाइनेंस ऑफिसर जतिन दलाल, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर संजीव सिंह, अमेरिका-2 बिजनेस के चीफ बिजनेस ऑफिसर नितिन वी जगनमोहन आदि शामिल हैं। यहां तक इसके सीईओ थिएरी डेलापोर्टे ने भी हाल ही में कंपनी से अचनाक इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया।
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विप्रो का शुद्ध लाभ 8 प्रतिशत घटा
विप्रो का शुद्ध लाभ मार्च तिमाही में 2,835 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले करीब 8 प्रतिशत कम, लेकिन तिमाही आधार पर 5.2 प्रतिशत तक अधिक है। यह वित्तीय परिणाम ब्लूमबर्ग द्वारा जताए गए 2,771 करोड़ रुपये के अनुमान से अधिक है।
मार्च तिमाही में राजस्व एक साल पहले की अवधि से 4.2 प्रतिशत घटकर 22,208 करोड़ रुपये रहा, जो ब्लूमबर्ग के अनुमान (22,228 करोड़ रुपये) के लगभग अनुरूप है। तिमाही आधार पर राजस्व वृद्धि सपाट बनी रही, क्योंकि गैर-जरूरी खर्च कम ही रहा।
विप्रो ने आईटी सेवा व्यवसाय खंड से राजस्व 2.62 अरब डॉलर से 2.680 अरब डॉलर के दायरे में रहने का अनुमान जताया, जो स्थिर मुद्रा संदर्भ में -1.5 प्रतिशत से +0.5 प्रतिशत का तिमाही अनुमान है।