facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

JSPL को RINL की खरीदारी के लिए दिख रहे बेहतर अवसर

Advertisement
Last Updated- December 18, 2022 | 11:17 PM IST
जिंदल स्टील ऐंड पावर (JSPL) के प्रबंध निदेशक बिमलेंद्र झा

सरकार ने छत्तीसगढ़ के नगरनार में NMDC के स्टील संयंत्र के रणनीतिक विनिवेश के लिए तैयारी शुरू कर दी है। राष्ट्रीय इस्पात निगम (RINL) के प्रस्तावित विनिवेश के लिए उद्योग के साथ पूर्व-बोली चर्चाएं अभी चल रही हैं।RINL, विशाखापत्तनम और आंध्र प्रदेश में भारत का पहला तट-आधारित एकीकृत इस्पात संयंत्र है। जिंदल स्टील ऐंड पावर (JSPL) के प्रबंध निदेशक बिमलेंद्र झा ने एक साक्षात्कार में ईशिता आयान दत्त को बताया कि RINL और NMDC प्रतिस्पर्धी लाभ के साथ आकर्षक संपत्ति हैं। संपादित अंश:

नए साल में स्टील के लिए आपका दृष्टिकोण क्या है?

हमारा प्रयास लंबे चलने वाले उत्पादों के लिए अधिक है लेकिन हमारे पास स्टील की चादर (फ्लैट स्टील) का उत्पादन अधिक मात्रा में होता है। और हम इसमें अच्छा काम कर रहे हैं। देश में इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, चीन द्वारा कोविड प्रतिबंध हटाने के साथ ही पिछले एक सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती आई है। जहां तक भारत की बात है, अब से हमें एक मजबूत मांग देखने को मिलेगी। आमतौर पर, चौथी तिमाही अधिकांश कंपनियों के लिए एक मजबूत तिमाही है। और इसी समय में ही अधिकांश बजटीय आवंटन का उपयोग किया जाता है।

क्या आप जनवरी में कीमतों में वृद्धि देख रहे हैं?

मैं कीमतों में अनुमान लगाने के बजाय मांग को देखूंगा। मांग मजबूत होने वाली है और जहां तक जेएसपीएल का संबंध है, हम मजबूत स्थिति में हैं।

क्या आप जेएसपीएल के विस्तार को लेकर एक निश्चित समय बता सकते हैं?

हमारा विस्तार पहले से ही चल रहा है, जिसके तहत ओडिशा के अंगुल में हमारी उत्पादन क्षमता 1.2 करोड़ टन की हो जाएगी। रायगढ़ (छत्तीसगढ़) में हमारी उत्पादन क्षमता 36 लाख टन की है। ऐसे में वित्त वर्ष 2024 तक हमारी कुल उत्पादन क्षमता 1.56 करोड़ टन हो जाएगी।

2030 के लिए आपका दृष्टिकोण क्या है, जब देश 30 करोड़ टन की उत्पादन क्षमता का लक्ष्य बना रहा है?

1.56 करोड़ टन क्षमता हासिल करने के बाद हमारे पास क्षमता का विस्तार करने के लिए 6 से 7 वर्ष का अतिरिक्त समय बचेगा। इसके लिए क्षमता और विस्तार को लेकर तैयारी अभी भी विचाराधीन है। लेकिन हमारा लक्ष्य दुनिया का सबसे बड़ा संयंत्र तैयार करने का है जो एक ही स्थान पर हो। इस लक्ष्य के तहत अंगुल में उत्पादन क्षमता 2.5 करोड़ टन से अधिक हो जाएगी। ऐसे में हमारे पास कुल मिलाकर 2.7-3 करोड़ टन क्षमता हो जाएगी, क्योंकि कुछ विस्तार रायगढ़ में भी होगा।

यह भी पढ़े: बाजार हलचल | टाटा मोटर्स से सूचीबद्ध अस्पतालों तक: रहेगी इन स्टॉक्स पर नजर

क्या 3 करोड़ टन की उत्पादन क्षमता तक पहुंचने के लिए आपका लक्ष्य अधिग्रहण करना है?

सही कीमत पर क्यों नहीं।

क्या आप एनएमडीसी, आरआईएनएल के लिए बोली लगाने पर विचार करेंगे क्योंकि इनका विनिवेश होने जा रहा है?

ये आकर्षक संपत्तियां हैं और नगरनार हमारे काफी करीब है। आरआईएनएल एक बंदरगाह आधारित संयंत्र है, जिसका मतलब है बाहर से कोकिंग कोल लाने और यहां तक कि यदि आवश्यकता पड़े तो लौह अयस्क लाने के लिए प्रतिस्पर्धात्मक लाभ भी मिलेगा। साथ ही निर्यात करना भी आसान हो जाता है। इसलिए, रणनीति के दृष्टिकोण से, तट पर बड़े इस्पात संयंत्रों का होना बहुत लाभदायक होता है। और तटीय संयंत्र में भविष्य में विस्तार की संभावनाएं विशेष रूप से अच्छी हैं। इसलिए, हम इन अवसरों पर सक्रिय रूप से विचार करने का बहुत अच्छा कारण देखते हैं।

Advertisement
First Published - December 18, 2022 | 10:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement