प्राइवेट बिजली कंपनी JSW एनर्जी को मार्च तिमाही में अच्छा मुनाफा हुआ है। कंपनी के मुनाफे में 29% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी कम कर खर्च की वजह से हुई है। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा 351.34 करोड़ रुपये रहा, जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में 272.05 करोड़ रुपये था। वहीं कंपनी की कुल आय भी 3% बढ़कर 2,755.87 करोड़ रुपये हो गई है।
तिमाही के दौरान कंपनी का एबिटा (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई) भी 47% बढ़कर 1,292 करोड़ रुपये हो गया। एबिटा में वृद्धि का मुख्य कारण अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो का मजबूत प्रदर्शन और थर्मल पावर प्लांटों का बेहतर प्रदर्शन बताया गया है।
JSW एनर्जी ने मार्च तिमाही में न सिर्फ मुनाफे में बल्कि बिजली उत्पादन में भी उछाल दर्ज किया है। कंपनी का ऑपरेशन मुनाफा 8% बढ़कर 2,893 करोड़ रुपये हो गया है, वहीं मुनाफा भी 52% बढ़ा है। कुल मिलाकर कंपनी ने 26% ज्यादा बिजली का उत्पादन किया, जो 6.4 बिलियन यूनिट रहा। मार्च तक कंपनी पर कुल 26,636 करोड़ रुपये का ऋण था। इसके अलावा कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 24 के लिए 2 रुपये प्रति शेयर के लाभांश की भी घोषणा की है, हालांकि इसे शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है।
कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में बिजली क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा रहेगा, क्योंकि तेजी से बढ़ते शहरों, सरकारी निवेश और मजबूत अर्थव्यवस्था से बिजली की मांग बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि कंपनी को यह भी चिंता है कि बिजली उत्पादन में उतनी तेजी से बढ़ोतरी नहीं होगी, जितनी मांग में वृद्धि हो रही है। इससे भविष्य में बिजली की कमी हो सकती है।
JSW एनर्जी ने फंड जुटाने की भी योजना बनाई है। कंपनी के बोर्ड ने 10,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह धन कंपनी निजी पेशकश, अधिमान्य आवंटन, योग्य संस्थानों को शेयर बेचकर या इन तरीकों से जुटाएगी। इस धन का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार को बढ़ाने और कर्ज चुकाने में करेगी।